दिल्ली में धोखाधड़ी के तरह-तरह के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं, लेकिन इस बार करोड़ों रुपये की दिहाड़ी हड़पने का मामला उजागर हुआ है। खुद को एक सरकारी मान्यता प्राप्त कंपनी का एजेंट बताने वाला शख्स दिल्ली के रेहड़ी पटरी वालों से 10 करोड़ रुपये लेकर भाग गया है। उसने रेहड़-पटरी वालों को रोजाना 500 रुपये तक छह माह निवेश करने के बदले 50 प्रतिशत मुनाफा देने का लालच देकर यह राशि इकट्ठा की। आरोपी ने कुछ लोगों को रिटर्न दिया भी, लेकिन राशि ज्यादा होते ही वह परिवार सहित भाग गया। 20 शिकायतकर्ताओं की शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा ने धोखाधड़ी कर ठगी का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस शिकायतकर्ताओं के बयान और उनके दिए दिए गए दस्तावेजों से ठगी की रकम का आकलन कर रही है। किराड़ी सुलेमान नगर निवासी अर्जुन कुमार ने बताया कि वह नांगलोई मेट्रो पिलर संख्या 373 के पास रेहड़ी पर लोअर और टी शर्ट बेचता है। इसी इलाके में स्थित उमराव सिंह कॉम्प्लेक्स में गौरव नाम का व्यक्ति फाइनेंस का काम करता था।
वह जरूरत पड़ने पर लोगों को 10-12 हजार रुपये उधार भी देता था। 2019 में उसने जन विश्वास इंडिया निधि लिमिटेड कंपनी खोली। जिसे वह सरकारी मान्यता प्राप्त बताता था। इलाके में उसने रेहड़ी पटरी लगाने वालों से दिहाड़ी में से बचत होने वाले पैसे को उसकी कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। उसने लोगों को इसके बदले 50 प्रतिशत मुनाफे का आश्वासन दिया। पीड़ित ने बताया कि उसने कहा था कि अगर छह माह में 3600 रुपये भी निवेश करोगे तो 5600 रुपये रिटर्न मिलेगा। इससे ज्यादा करने पर रिटर्न बढ़ता जाएगा।
कुछ लोगों को आरोपी ने निवेश के बदले रिटर्न भी दिया
आरोपी ने मदजूर निवेशकों का भरोसा पाने के लिए कुछ लोगों को कहे अनुसार निवेश के बदले रिटर्न भी दिया। पीड़ित अर्जुन ने बताया कि उसके साथ-साथ कई लोग काफी साल से गौरव की कंपनी में निवेश कर रहे थे। छह माह पूरे होने पर उन्हें कई बार पैसे मिले, जिसका इस्तेमाल उसने अपने बच्चों की पढ़ाई पर किया। धीरे धीरे निवेश करने वालों की संख्या बढ़ने लगी। अर्जुन के मुताबिक अब करीब दो हजार लोग उसकी कंपनी में निवेश रहे थे। आशंका है कि काफी पैसे होने के बाद वह पहले अपने घर को बेचा और फिर परिवार समेत भाग गया।
उसने अपनी कंपनी में मां, मंगेतर और पैसे के कलेक्शन करने वाले सागर नाम के युवक को रखा था। सागर लोगों से पैसे लेता था। वह रकम की इंट्री पासबुक में करता था। पीड़ित ने बताया कि एक दिन पैसे की लेन-देन को लेकर उसकी एक युवती से झगड़ा हो गया। उसके अगले ही दिन वह अपने परिवार के साथ भाग गया। जैसे ही उसके भागने की सूचना मिली, निवेशकों में हड़कंप मच गया। उनलोगों ने इसकी शिकायत नांगलोई थाने में की। लोगों का आरोप लगाया है कि दो हजार से अधिक लोगों के करीब 10 करोड़ रुपये लेकर वह भाग गया है।
मामला धोखाधड़ी और बड़ी रकम होने की वजह से मामले को आर्थिक अपराध शाखा में भेजा गया। शाखा की टीम ने शुरुआती जांच करने बाद 2 अप्रैल को मामला दर्ज कर लिया। जांच में पता चला है कि आरोपी नजफगढ़ में भी कार्यालय खोलकर ठगी कर चुका है। उसके खिलाफ नजफगढ़ थाने में भी मामला दर्ज है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
फिलहाल 20 लोगों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में शिकायतकर्ताओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। उसके बाद ही पता चल पाएगा कि आरोपी ने कितने करोड़ की ठगी की है।
-केशव राम चौरसिया, संयुक्त आयुक्त, आर्थिक अपराध शाखा