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Delhi NCR News: बच्चों में अपेंडिसाइटिस की पहचान में देरी खतरनाक

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बच्चों में अपेंडिसाइटिस की पहचान मुश्किल, देरी से गंभीर खतरा
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बच्चों में अपेंडिसाइटिस की शुरुआती पहचान करना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है। इसके लक्षण सामान्य पेट के संक्रमण जैसे होने के कारण माता-पिता इसे मामूली बीमारी समझ लेते हैं। डॉक्टरों ने लगातार या बढ़ते पेट दर्द को नजरअंदाज न करने की सलाह दी है, क्योंकि इलाज में देरी से गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।
एम्स, दिल्ली में पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. संदीप अगरवाला ने बताया कि बच्चों में अपेंडिसाइटिस के लक्षण हर बच्चे में अलग हो सकते हैं। शुरुआत में दर्द नाभि के आसपास होता है। यह कुछ घंटों बाद पेट के निचले दाहिने हिस्से में महसूस हो सकता है। पेट दर्द के साथ भूख न लगना, जी मिचलाना, उल्टी और बुखार जैसे लक्षण अपेंडिसाइटिस की ओर इशारा करते हैं।
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इसे अक्सर गैस्ट्रोएंटेराइटिस समझा जाता है। पर अपेंडिसाइटिस में लगातार बढ़ता पेट दर्द महत्वपूर्ण संकेत है। छोटे बच्चों में दर्द की सही जगह न बता पाने से पहचान और मुश्किल हो जाती है। एम्स के पीडियाट्रिक सर्जरी के प्रोफेसर डॉ. प्रबुद्ध गोयल ने कहा कि हर पेट दर्द अपेंडिसाइटिस नहीं होता, पर लगातार दर्द होने पर विशेषज्ञ से जांच जरूरी है।
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डॉक्टरों के अनुसार, माता-पिता को तब सतर्क रहना चाहिए जब बच्चे को लगातार या बढ़ता हुआ पेट दर्द हो। इसके साथ बार-बार उल्टी, बुखार या पेट छूने पर ज्यादा दर्द जैसे लक्षण दिखें। खाना-पीना छोड़ देना भी एक संकेत है। बहुत ज्यादा सुस्ती या चलने-फिरने पर दर्द बढ़ने पर भी तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। समय पर पहचान और इलाज से अपेंडिक्स फटने जैसी गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
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