डीयू में ओबीसी पदों पर स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया लटक सकती है। यूजीसी द्वारा कॉलेजों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ओबीसी कोटे के पदों को जल्द से जल्द भरा जाए। इससे पहले हाल ही में शिवाजी कॉलेज, मैत्रीय कॉलेज, खालसा कॉलेज, कालिंदी आदि कॉलेजों ने अपने यहां स्थायी नियुक्तियों के लिए विज्ञापन निकाले थे। यूजीसी के सर्कुलर के आने के बाद विश्वविद्यालय के विभागों और कॉलेजों को फिर से रोस्टर बनाना पड़ेगा।
दिल्ली यूनिवर्सिटी की एकेडेमिक काउंसिल के पूर्व सदस्य प्रो. हंसराज ने बताया है कि यूजीसी सर्कुलर आने के बाद जिन कॉलेजों ने स्थायी नियुक्ति संबंधी पदों के विज्ञापन दिए हैं, अब उन सभी कॉलेजों को रोस्टर फिर से बनाकर डीयू प्रशासन से पास कराकर पदों को विज्ञापित कराना होगा। इस प्रक्रिया में तीन महीने तक लग सकते हैं। ऐसे में स्थायी नियुक्ति के लिए नए साल तक इंतजार करना पड़ सकता है।
पहले कॉलेजों व विभागों ने कॉलेज को एक यूनिट मानकर वरिष्ठता के आधार पर 200 प्वाइंट पोस्ट बेस रोस्टर बनाया था और उसी के आधार पर कॉलेजों-विभागों ने सहायक प्रोफेसर के विज्ञापन निकाले थे, जिसके आधार पर विषयानुसार स्क्रीनिंग भी हो चुकी है।
अक्तूबर से विभागों में नियुक्तियों की प्रक्रिया को शुरू किया जाना था, लेकिन इस सर्कुलर के बाद अब कॉलेजों को नया रोस्टर तैयार करके डीयू से पास कराकर पदों को विज्ञापित कराना होगा। बताया जा रहा है कि यूजीसी से सर्कुलर आने के बाद से इस संबंध में कॉलेजों-विभागों को रोस्टर संबंधी दिशा-निर्देश भेज दिया है।
डीयू अगले हफ्ते या अक्तूबर में उच्च शिक्षण संस्थानों को रेगुलेशन बनाकर और नियुक्ति कमेटी के शिक्षकों की सूची जारी कर देगी, ताकि कॉलेजों में शिक्षकों पर पड़ रहे अतिरिक्त भार को कम किया जा सके और जल्द स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू हो जाए।