सुबह करीब आठ बजे यह 205.15 पर पहुंच गया। बुधवार दिन भर जल स्तर में गिरावट दर्ज की गई। रात करीब नौ बजे यह 204. 59 मीटर पर पहुंच गया था। अधिकारी बताते हैं कि हथिनीकुंड से अब सिर्फ 5-10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे जल स्तर में अब गिरावट होने की संभावना है।
राहत कैंप में बेघर, मुसीबत बरकार
यमुना का जलस्तर नीचे जाने के बाद भी बाढ़ पीड़ितों की समस्या कम नहीं हुई है। अब भी पीड़ित यमुना पुश्ता पर बने राहत कैंपों में डेरा जमाए हुए हैं। अब तक 13, 915 लोगों को 1,461 तंबुओं और अस्थायी शिविरों में रखा गया है।
बाढ़ उतरने व तापमान बढ़ने से जलजनित बीमारियों के पांव फैलाने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, अधिकारियों को कहना है कि प्रशासन की तरफ से इंतजाम पर्याप्त हैं। डेंगू ,मलेरिया की रोकथाम के लिए लगातार फोगिंग हो रही है।