इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के संस्थापक यासीन भटकल की अर्जी पर अदालत ने मंगलवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। इस अर्जी पर तिहाड़ जेल प्रशासन का जवाब आने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है। भटकल ने तिहाड़ जेल की काल कोठरी में नहीं रखने के लिये अर्जी दायर की थी।
बता दें कि हैदराबाद 2013 धमाकों के सिलसिले में यासीन भटकल को कुछ समय पहले मौत की सजा सुनाई गई थी। पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए कोर्ट ने यासीन भटकल की अर्जी पर तिहाड़ जेल प्रशासन का जवाब आने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
अदालत भटकल की अर्जी पर 25 मार्च को फैसला सुनायेगी। कोर्ट के समक्ष यासीन भटकल ने अर्जी दायर कर तिहाड़ जेल प्रशासन को निर्देश देने के लिये कहा था कि उसे काल कोठरी में न रखा जाये।
सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व निर्णय का हवाला देते हुये अर्जी में कहा गया है कि उसे काल कोठरी में रखना संविधान का उल्लंघन है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता एमएस खान ने अर्जी में दावा किया था कि काल कोठरी में किसी कैदी को रखना कोर्ट की अवमानना है। भटकल इस समय कई मामलों में न्यायिक हिरासत में है। उसे दिलखुश नगर हैदराबाद के डबल धमाकों के लिये स्थानीय एनआईए कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी।