जेएनयू नारेबाजी विवाद मामले में प्रस्तावित आरोपी समाचार चैनल के संपादक की अर्जी पर फैसला मंगलवार को अगली तारीख तक टल गया। संपादक ने अर्जी दायर कर शिकायत पर सुनवाई बंद करने की मांग की थी।
प्रार्थी संपादक का कहना था कि इस मामले में वह प्रस्तावित आरोपी है इसलिये समन जारी होने से पहले भी अपना पक्ष रखने का अधिकार है। कोर्ट ने अर्जी पर बहस सुनने के बाद 19 अक्तूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने फैसला सुनाने के लिये 29 नवंबर की तारीख तय की है।
बता दें कि दिल्ली सरकार ने तीन समाचार चैनलों पर छेड़छाड़ वाली वीडियो चलाकर माहौल खराब करने का आरोप लगाया है। सरकार ने इन चैनलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश 26 मई को दिया था।
पटियाला हाउस अदालत के सीएमएम सुमित दास के समक्ष समाचार चैनल की ओर से अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने बहस करते हुये कहा था कि इस मामले में उसे अभी तक समन जारी नहीं हुआ है लेकिन इसके बावजूद उसे अपना पक्ष रखने का अधिकार है क्योंकि इस मामले में उसे भी एक प्रस्तावित आरोपी बनाया गया है।
गौरतलब है कि समाचार चैनल के संपादक ने अपनी अर्जी में कहा था कि इस मामले में थाना वसंत कुंज नार्थ में 11 फरवरी को एफआईआर दर्ज की गई थी। सरकार ने जिस वीडियो को डॉक्टर्ड बताया है वह इस केस में जांच का आधार है।