नया गाजियाबाद स्टेशन क्रासिंग के पास ट्रेन से गिरकर मोदीनगर के युवक अमित शर्मा की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उसके सिर पर से ट्रेन के पहिए गुजरने से मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। कविनगर पुलिस ने पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराया।
परिजनों के मुताबिक अमित गाजियाबाद की एक प्राइवेट कंपनी में सेल्समैन के पद पर तैनात था और सुबह ड्यूटी के लिए घर से चला था। अमित की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है और पत्नी सुधबुध खो बैठी है।
हादसा सोमवार दोपहर करीब एक बजे हुआ। मोदीनगर की नई देवेंद्रपुरी कालोनी निवासी अमित शर्मा (30) जालंधर से नई दिल्ली जाने वाली जालंधर सुपर से गाजियाबाद आ रहा था।
यह ट्रेन मोदीनगर से सीधे पुराना गाजियाबाद स्टेशन पर रुकती है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नया गाजियाबाद स्टेशन फाटक के पास अमित नीचे गिर गया और ट्रेन की चपेट में आ गया।
पुलिस के मुताबिक पैर फिसलने या चलती ट्रेन से उतरने की वजह से यह हादसा हुआ है। अमित मूलरूप से रोरी गांव का रहने वाला था।
पिता सुरेशचंद शर्मा नोएडा स्थित किसी कंपनी में इंजीनियर हैं और छोटा भाई आदित्य शर्मा आर्मी में है। वर्तमान में वह आंध्रप्रदेश के सिकंदराबाद में तैनात है।
अमित की मौत की खबर जैसे ही घर पर पहुंची तो उसकी पत्नी रचना सुधबुध खो बैठी। कॉलोनी वासियों का कहना है कि सूचना के बाद से रचना गुमसुम हो गई है।
उसकी आंखों से अभी तक आंसू नहीं निकल सके हैं। वहीं अमित के दो मासूम बच्चों कृष्णा (2) और तेजस्व (1) को देख कॉलोनी के लोगों की आंखें भी नम हैं।
ट्रैक पार करने में ट्रेन से कटी
डासना जेल में बंद पति से मिलने जा रही महिला सय्यारा और उसकी बेटी निदा (6) की गरीब रथ ट्रेन से कटकर मौत हो गई। पैदल ही ट्रैक पार कर रही महिला और बच्ची के शव कई टुकड़ों में बंट गए।
करीब पांच घंटे बाद शवों की शिनाख्त हो पाई। सय्यारा डासना की उस्मान कालोनी में रहती थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा सोमवार सुबह करीब 9:40 बजे हुआ।
रेलवे अधिकारी इसे खुदकुशी का मामला मान रहे हैं। सय्यारा के देवर राहत अली ने बताया कि एनएच-24 स्थित मीट फैक्ट्री के पास शांति कुंज कालोनी में एक ठेकेदार के पास महिला मजदूरी करती थी।
सुबह आठ बजे वह बेटी निदा के साथ घर से काम पर जाने के लिए निकली थी। ठेकेदार राजू ने बताया कि करीब साढ़े नौ बजे वह उससे पति से मिलने डासना जेल जाने की बात कहकर 100 रुपये लेकर गई थी।
मेन रास्ते पर न जाकर वह ट्रैक पार कर पैदल ही डासना जेल जा रही थी। इसी दौरान हादसा हुआ। स्टेशन मास्टर रामनरेश मीणा ने मीमो में खुदकुशी का जिक्र कर उच्चाधिकारियों को भेजा है।