पुलिस ने बताया कि नई बस्ती बैरंगपुर गांव में सुधीर चंद्र भाटी परिवार के साथ रहते हैं। वह सेवानिवृत फौजी भी हैं। सुधीर मौजूदा समय में दिल्ली पुलिस में डीसीपी ईस्ट ऑफिस में हेड कांस्टेबल के पद पर काम करते हैं। 28 अक्तूबर की रात में करीब 11.30 बजे कृषि कार्य के लिए वह अपने खेत पर कार में सवार होकर जा रहे थे। जब वे रास्ते में पहुंचे तो गांव के ही अंकित, देवेंद्र, विकल, मोहित व दो अन्य लोगों ने कार को रुकवा लिया। जब सभी लोगों के हाथ में हथियार, लाठी, डंडा देखकर पुलिस को कॉल करने के लिए अपना मोबाइल फोन जेब से निकला। तो उसको फोन तोड़ दिया।
एक राय होकर लाठी-डंडों से कार पर हमला कर दिया। कार को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया। किसी तरह दूसरी खिड़की से खोलकर जान बचाकर भागने का प्रयास किया। जैसे ही वह कार से उतरकर भागा तो अंकित ने पिस्तौल से गोली चला दी। गोली से बाल-बाल बच गए। अंकित ने गोली चलाने की दोबारा कोशिश की तो वह पिस्टल में फंस गई। इसी दौरान पीछे से दौड़कर लाठी डंडों, लोहे की रॉड से हमला कर घायल कर दिया। अंकित ने पिस्तौल की बट से कई बार हमला किया। उसके बाद घायल को मरा हुआ समझ छोड़कर फरार हो गए। गोली की आवाज सुनने पर आसपास के लोग आ गए। घायल को देख उपचार के लिए अस्पताल ले गए। अस्पताल से उपचार के बाद घायल ने अंकित, देवेंद्र, विकल, मोहित व दो अन्य लोगों के खिलाफ दादरी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।