सरकारी स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील को लेकर मिल रही शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कभी मिड-डे मील में छिपकली मिलती है तो कभी इसमें से दुर्गंध आती है।
लेकिन इस बार मिड-डे मील में अंधेरगर्दी का जो मामला सामने आया है उससे तो हर किसी की रूह कांप जाए।
हरियाणा में पलवल के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील का खाने से सैकड़ों छात्राओं की जान पर बन आई। इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं के बीमार होने से हर तरफ हड़कंप मच गया।
मिड-डे मील खाते ही होने लगी उल्टी
जानकारी के अनुसार, पलवल के गांव अलावलपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या विद्यालय में शुक्रवार को मिड-डे मिल बांटा गया। यहां करीब एक हजार छात्राएं पढ़ती हैं।
स्कूल की करीब 500 छात्राओं को खाना परोसा गया था जिसे खाते ही अचानक छात्राओं की हालत खराब होने लगी। आठवीं की छात्रा सोनिया, सातवीं की प्रियंका, नेहा, मुस्कान और राधा व भारती को उल्टी व पेट दर्द की शिकायत हुई।
इसके बाद अन्य छात्राओं में हड़कंप मच गया। एक के बाद एक करीब 40 छात्राओं की तबियत खराब हो गई। अलावलपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों को स्कूल में बुलाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीन दर्जन छात्राओं को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
चावल के टब में मिलीं 2 छिपकली
अलावलपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 40 छात्राओं को भर्ती करवाया गया। यहां डॉक्टरों ने बताया कि सभी छात्राओं की स्थिति खतरे से बाहर है। छात्राओं की हालत बिगड़ने पर स्कूल के प्राचार्य सुशील यादव ने मिड-डे मिल की जांच की।
जांच के दौरान पाया कि चावल से भरे टब में मरी हुई दो छिपकलियां थीं। छिपकलियों के जहर से खाना जहरीला हो गया। इसके कारण बच्चियों की हालत खराब हुई। इसके बाद खाना देना बंद कर वापस करवा दिया गया।
जिला अस्पताल में ज्योति, रेखा, नेहा, कविता, कीर्ति, शशि, ऊषा, सुदेश, भावना, सोनम, संजू, शांति, मुस्कान, पायल, कुमकुम, अंजली, सविता, राधा, सुचित्रा, बुलबुल, प्रियंका, अंजली, रोहनी, ज्योति, गुलशन, रेखा, ऊषा, खुशबु, लक्ष्मी, ऊर्मिला, प्रियंका, अंजली, राधा व भारती आदि छात्राएं दाखिल है।
खतरे से बाहर हैं सभी छात्राएं
मामले की जानकारी मिलते ही खंड शिक्षा अधिकारी रंजीत सिंह मौके पर पहुंचे। इस संबंध में डीसी केएम पांडूरंग का कहना है कि मामले में जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पलवल के उपमंडल अधिकारी (ना.) जगनिवास को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एसडीएम को जारी आदेशों में डीसी ने कहा है कि इस मामले में सोमवार को जांच रिपोर्ट पेश की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है।
एसडीएम ने मौके पर जाकर पूरे मामले की जांच की। जिला अस्पताल के डॉक्टर सुदीप कुमार का कहना था कि बच्चों ने मिड-डे-मिल का खराब खाना खाया था, जिससे उनको उल्टी दस्त हुए हैं। फिलहाल सभी खतरे से बाहर हैं।