डीडीसीए मानहानि मामले में आरोपी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अर्जी पर फैसला सुनाने के लिये अदालत ने तीस जनवरी की तारीख तय की है। केजरीवाल की ओर से बहस करते हुये वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने कहा था कि मुद्दे तय करने से पहले प्रभावित होने वाले सभी पक्षों को सुना जाना चाहिये।
पटियाला हाउस अदालत के सीएमएम सुमित दास ने अरविंद केजरीवाल की अर्जी पर फैसला सुनाने के लिये 30 जनवरी की तारीख तय की है। अदालत ने अर्जी पर सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 20 दिसंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
मुख्यमंत्री केजरीवाल की अर्जी पर बहस करते हुये वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने कहा था कि यह मामला मानहानि का नहीं है बल्कि चुनावी प्रचार के दौरान बयानबाजी का है। उस दौरान कही गई सभी बातें सच नहीं होतीं इसलिये उन बातों को मानहानि का आधार नहीं बनाया जा सकता।
कोर्ट के समक्ष जेठमलानी ने कहा था कि उनके मुव्वकिल व अन्य आरोपियों को समन जारी हो चुका है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनके खिलाफ आरोप भी तय किये जायें। एक आरोपी के बयान को दूसरे आरोपी के बयान के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
भाजपा नेता जेटली ने केजरीवाल व अन्य आप नेताओं के खिलाफ 21 दिसंबर 2015 को मानहानि की शिकायत दायर मुकदमा चलाने की मांग की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था कि वह वर्ष 2000 से 2013 के बीच डीडीसीए के अध्यक्ष थे।
इन आरोपियों ने उनके व उनके परिवार पर स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी 21 सेंचुरी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड से वित्तीय लाभ लेने के झूठे बयान दिये जिससे उनकी व उनके परिवार की बदनामी हुई है।