दिल्ली में नई लैंड पूलिंग पॉलिसी लागू करने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। शुक्रवार को बोर्ड बैठक में इस रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया गया। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान इस पॉलिसी के तहत स्मार्ट सिटी की तर्ज पर काम करने की योजना बनाई गई है। साथ ही एक ऐसे मॉडल को तैयार करने का फैसला लिया गया है, जिससे लोग लैंड पूलिंग पॉलिसी को सरलता से समझ सकें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैठक में लैंड पूलिंग पर 699 विनियमितीकरण और 77 सुझाव प्राप्त हुए थे। इसके अलावा, 200 एफएआर को बढ़ाने को लेकर आए लोगों के सुझाव पर भी निर्णय लिया गया है। बोर्ड ने फैसला लिया है कि लोगों की भावनाओं को अथॉरिटी के समक्ष रखा जाए और इसका निर्णय उस पर छोड़ दिया जाए।
लैंड पूलिंग पॉलिसी को लेकर पिछले माह तीन दिन के लिए डीडीए ने जनसुनवाई रखी थी। इसमें 700 से ज्यादा लोगों ने आपत्तियां एवं सुझाव दर्ज कराए थे। इसके अलावा, इस पॉलिसी को लेकर दिल्ली के प्रापर्टी डीलरों ने भी आपत्ति दर्ज कराई है। इनका कहना है कि नई पॉलिसी के लागू होने से लोगों को महंगे फ्लैट मिलेंगे। इसमें जनता के साथ दो साल पहले जमीन में धन लगा चुके डीलरों को भी नुकसान होगा। इन्हीं आपत्तियों एवं सुझाव पर चर्चा के लिए बोर्ड बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी।
बोर्ड सदस्य विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि रिपोर्ट में लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत स्मार्ट सिटी की अवधारणा पर राजधानी का विकास करना, पर्यावरण के हित को प्राथमिकता देना और जीरो वेस्ट सहित छोटे प्लॉट मालिकों के हितों की रक्षा करने पर चर्चा हुई। इसके बाद बोर्ड ने रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही राजधानी में लैंड पूलिंग पॉलिसी लागू हो सकेगी। बताया जा रहा है कि बैठक में सदस्यों ने कचरा कम से कम पैदा करने पर भी जोर दिया है। साथ ही दिल्ली में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना है।