नरेला में मेट्रो डिपो, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और यूनिवर्सिटी हब को मिली मंंजूरी
48 गांव होंगे शहरी, अटल कैंटीन के लिए जमीन देने की नीति स्वीकृत
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग विकास के लिए अहम मानी जा रही बैठक में डीडीए ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 14,962 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया। उपराज्यपाल वीके सक्सेना की अध्यक्षता में हुई अथॉरिटी बैठक में बताया कि डीडीए ने 18 फरवरी तक 2025-26 में 2,112 करोड़ रुपये का राजस्व अधिशेष दर्ज किया है। लगातार तीसरे साल सरप्लस दर्ज कर डीडीए घाटे से मुनाफे की स्थिति में पहुंच गया है।
डीडीए के अनुसार, एक दशक तक घाटे में रहने के बाद 2023-24 से स्थिति बदली। 2023-24 में 511 करोड़ रुपये का अधिशेष रहा। हाउसिंग बिक्री में तेज उछाल इसका बड़ा कारण है। हाउसिंग रसीदें 2022-23 में 665 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 2,398 करोड़ और 2024-25 में 2,963 करोड़ रुपये पहुंचीं। 2025-26 में 18 फरवरी तक 2,165 करोड़ रुपये की आय दर्ज की गई और 10,160 फ्लैटों की रिकॉर्ड बिक्री हुई।
डीडीए के घरों की बिक्री बढ़ी
नरेला सब-सिटी पर खास फोकस का असर भी बिक्री में दिखा। यहां यूनिवर्सिटी हब, प्रस्तावित इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, कोर्ट कॉम्प्लेक्स और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी परियोजनाओं ने खरीदारों को आकर्षित किया। रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर की आधारशिला से इलाके को और बढ़त मिली। नरेला में सरकारी विश्वविद्यालयों को आवंटित जमीन पर प्रीमियम और ब्याज में छूट देने का प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। राजस्व बढ़ाने के लिए डीडीए विज्ञापन नीति भी मंजूर की गई है। इसके तहत पार्क, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गोल्फ कोर्स और खाली जमीन पर नियमन के साथ विज्ञापन की अनुमति दी जाएगी। मुख्य सड़कों के विज्ञापन के लिए एमसीडी के साथ राजस्व साझा होगा, जबकि पार्क और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अंदर के विज्ञापन का पूरा राजस्व डीडीए को मिलेगा। नरेला के सेक्टर जी-3 और जी-4 में मल्टी स्पोर्ट्स इंटीग्रेटेड स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के विकास नियंत्रण मानदंडों को मंजूरी दी गई।
48 गांव शहरीकृत घोषित
बैठक में 48 ग्रामीण गांवों को शहरी घोषित करने का फैसला भी लिया गया। यह कदम मास्टर प्लान के तहत योजनाबद्ध विकास और बुनियादी ढांचे की कमी दूर करने के लिए जरूरी बताया गया। डीडीए ने अटल कैंटीन खोलने के लिए खाली जमीन डूसिब को एक रुपये सालाना लाइसेंस फीस पर देने की नीति को मंजूरी दी है। वहीं शहरीकृत गांवों की ग्राम सभा भूमि पर बने भवनों को सामुदायिक उपयोग के लिए दिल्ली सरकार के विभागों को लाइसेंस आधार पर देने का फैसला किया है।
नरेला के विकास पर पूरा फोकस
ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति में संशोधन कर 2000 वर्गमीटर से बड़े प्लॉट को शामिल किया गया है और मेट्रो कॉरिडोर के 500 मीटर दायरे में अधिकतम एफएआर 500 तक की अनुमति दी गई है। लैंड पूलिंग क्षेत्र के सेक्टर-8बी (40.23 हेक्टेयर) के भूमि उपयोग परिवर्तन को भी अंतिम मंजूरी दी गई। रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के लिए 19.63 हेक्टेयर जमीन का भूमि उपयोग ट्रांसपोर्टेशन में बदलने की स्वीकृति दी गई। डीडीए का कहना है कि इन फैसलों से नरेला और बाहरी दिल्ली में योजनाबद्ध विकास को रफ्तार मिलेगी, किफायती आवास की आपूर्ति बढ़ेगी और दिल्ली की शहरी संरचना मजबूत होगी।
प्रमुख फैसले एक नजर में
2026-27 के लिए 14,962 करोड़ का बजट
2025-26 में 2,112 करोड़ का सरप्लस (18 फरवरी तक)
10,160 फ्लैटों की रिकॉर्ड बिक्री
48 ग्रामीण गांव होंगे शहरी घोषित
अटल कैंटीन के लिए जमीन आवंटन नीति
नरेला में मेट्रो डिपो और मल्टी स्पोर्ट्स स्टेडियम को मंजूरी
विश्वविद्यालयों को जमीन पर प्रीमियम ब्याज में राहत
डीडीए विज्ञापन नीति से अतिरिक्त राजस्व
टीओडी नीति में संशोधन, एफएआर 500 तक अनुमति
ग्राम सभा भवन सामुदायिक उपयोग के लिए दिल्ली सरकार को लाइसेंस पर दिए जाएंगे