डीडीए की योजना से एक लाख वाहनों को मिलेगी जगह, दिल्ली में पार्किंग, अतिक्रमण और ट्रैफिक पर एलजी की बड़ी बैठक, सातों सांसदों के साथ बनी साझा रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली में बढ़ते पार्किंग संकट और ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए डीडीए ने बड़े स्तर पर खाली भूखंडों के उपयोग की तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राजधानी के सातों सांसदों और डीडीए अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में ऐसे 232 भूखंडों पर चर्चा हुई, जहां करीब एक लाख वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था विकसित की जा सकती है। इसके अलावा अतिक्रमण, सड़क, पार्क और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक में पार्किंग, ट्रैफिक जाम, डीडीए की खाली जमीन और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। साथ ही परियोजनाओं में तेजी लाने और जमीन पर काम की गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। एलजी बनने के बाद सांसदों के साथ यह उनकी पहली संयुक्त समीक्षा बैठक थी, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं और विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। सांसदों ने अपने क्षेत्रों से जुड़े ट्रैफिक, अवैध कब्जों और नागरिक सुविधाओं के मुद्दे प्रमुखता से उठाए।
3000 से ज्यादा खाली भूखंडों की होगी पहचान
बैठक का मुख्य फोकस डीडीए की खाली जमीनों के बेहतर उपयोग पर रहा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि अगले एक वर्ष में डीडीए 3000 से अधिक खाली भूखंडों की पहचान करेगा, जिन्हें सतही पार्किंग के रूप में विकसित किया जा सकता है। फिलहाल 232 प्लॉट टेंडर प्रक्रिया के लिए तैयार किए गए हैं। इन स्थानों पर करीब एक लाख वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा विकसित होगी। इनमें सर्वाधिक 98 भूखंड द्वारका जोन में हैं। इसके अलावा 53 नॉर्थ, 30 रोहिणी, 23 साउथ और 28 ईस्ट जोन में स्थित हैं। अधिकारियों का मानना है कि इससे सड़कों पर अवैध पार्किंग कम होगी और ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनेगी।
डीडीए के पार्कों में सुबह 6 से 10 बजे तक प्रवेश निशुल्क रहेगा
बैठक में डीडीए पार्कों के रखरखाव और पहुंच का मुद्दा भी उठा। एलजी ने निर्देश दिया कि पार्कों को आकर्षक और बेहतर बनाया जाए ताकि लोग वहां सुकून महसूस कर सकें। उन्होंने अपने पुराने निर्देश दोहराते हुए कहा कि सभी डीडीए पार्क सुबह 6 से 10 बजे तक आम लोगों के लिए खुले रहेंगे और इस दौरान शुल्क वाले पार्कों में भी प्रवेश निशुल्क रहेगा।
अतिक्रमण पर सामूहिक प्रशासनिक कार्रवाई का आश्वासन
अतिक्रमण को लेकर सांसदों ने चिंता जताते हुए इसे राजधानी की प्रमुख नागरिक समस्याओं में शामिल बताया। एलजी ने इस मुद्दे पर सामूहिक प्रशासनिक कार्रवाई और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही आवास, सड़क और भूमि विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसी बैठकें अब नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी।