साढ़े तीन दशक बाद दिल्ली के नांगलोई स्थित सावदा घेवरा की एक आवासीय योजना के लिए बृहस्पतिवार को ड्रॉ निकाला गया। सेवानिवृत्त जज की मौजूदगी में निकाले गए ड्रॉ के तहत 1073 लोगों को फ्लैट आवंटित किए गए।
दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसुब) के अधिकारियों का कहना है कि अगले तीन महीने में सभी आवंटियों को मालिकाना हक मिल जाएगा।
इससे पहले दिल्ली के गरीब तबके की आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए डीडीए रजिस्ट्रेशन स्कीम-1985 निकाली गई थी।
इसमें 19,000 लोगों ने तीन हजार रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क देकर आवेदन किया था। उसी वक्त आवेदकों के एक हिस्से को फ्लैट आवंटित कर दिया गया था। बाद में योजना एमसीडी के अधीन आ गई।