नई दिल्ली के समयपुर बादली में बंद कमरे में कैद मिलीं दोनों बच्चियों की देखरेख से लेकर पढ़ाई की जिम्मेदारी दिल्ली महिला आयोग स्वयं देखेगा। बच्चियों के तनाव को दूर करने के लिए काउंसलर की नियुक्ति की गई।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने रोहिणी स्थित अंबेडकर अस्पताल में दोनों बच्चियों से मुलाकात करके डॉक्टरों से जानकारी ली। स्वाति के मुताबिक, यह निंदनीय घटना है।
बेटियों को बोझ समझते हुए मां-बाप दिल्ली जैसे असुरक्षित शहर में अकेला मरने के लिए छोड़ देते हैं। ऐसे परिजनों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और अपनी बेटियों को बोझ समझते हुए ऐसे न छोड़े।