इसके बाद आयोग की टीम को पुलिस ने सूचना दी कि लड़की के घर ताला लगा हुआ है। न ही कोई एफआईआर हुई और न ही युवती को छुड़वाया गया। आयोग को सूचना मिली कि परिवार युवती को आगरा ले गया है, कैद करके रखा है और मारने की तैयारी में है।
स्वाति मालीवाल ने आगरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से बात की, जहां से आयोग को सहायता मिली। जल्द ही युवती की लोकेशन को पता किया गया और पुलिस की सहायता से 2 घंटे के अंदर ही युवती को आगरा से छुड़वा लिया गया।
यूपी पुलिस को धन्यवाद दिया
आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूूर्ण है कि माता-पिता झूठी आन के लिए बच्चों को मारने के लिए तैयार हो जाते हैं। उन्होंने माता-पिता से आपराधिक गतिविधियों मेें शामिल नहीं होने की अपील की। साथ ही यूपी पुलिस को सहायता के लिए धन्यवाद दिया।