मैदान गढ़ी से मुक्त कराई गई लड़कियों से मिलने के लिए दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष भी शेल्टर होम पहुंची। आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल व सदस्या किरण नेगी ने इन लड़कियों से बात करने का प्रयास किया।
पहले तो लड़कियों ने बात करने से मना कर दिया। लेकिन काउंसलिंग के बाद वह बात करने के लिए तैयार हुई। आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के अनुसार, उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर दिल्ली लाया गया था। 16 लड़कियां नेपाल और 2 लड़कियां पश्चिम बंगाल से हैं। मुक्त कराई गई लड़कियों की उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच है।
स्वाति मालीवाल के अनुसार यह लड़कियां गरीब परिवारों से हैं और नेपाल के भूकंप प्रभावी क्षेत्रों से हैं और ज्यादातर ने भूकंप में अपने घरवालों को खो दिया है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने उनको शेल्टर होम भेजने के इंतजाम किए हैं। अब वह इन लड़कियों को वापस भिजवाने के लिए नेपाली दूतावास से बात कर रही हैं।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा दिल्ली मानव तस्करी का अड्डा बन गई है। उन्होंने कहा कई बार गृहमंत्री राजनाथ सिंह से पुलिस की जवाबदेही तय करने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे कौन लोग हैं जिनको लड़कियों के इस अनैतिक व्यापार से फायदा हो रहा है।
मुनिरका से 25 जुलाई को भी छुड़ाई गई थीं 16 लड़कियां
बीते 25 जुलाई को दिल्ली महिला आयोग ने 16 लड़कियों को मुनिरका से बचाया था। इन लड़कियों को कुछ दिन पहले ही नेपाल से दिल्ली लाया गया था। इन्हें साउथ दिल्ली के मुनिरका इलाके में पिछले कुछ दिनों से एक कमरे में रखा गया था। इन लड़कियों के पासपोर्ट भी छीन लिए गए थे। इन्हें इराक और गल्फ कंट्री में देह व्यापार के लिए भेजने की तैयारी थी।