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Delhi NCR News: भीड़ में फंसे एसीपी विवेक भगत को डीसीपी विनीत कुमार ने बचाया

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आरोप : प्रदर्शनकारियों के हमले में पीएसओ राहुल को चाकू लगा, ऑपरेटर दीपक घायल
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पुलिस ने हिंसा के पीछे लॉजिस्टिक सपोर्ट और फंडिंग की जांच शुरू की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदर्शन के दौरान एम्स में भर्ती कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत के लिए डीसीपी विनीत कुमार फरिश्ता साबित हुए। यदि वह भीड़ के बीच घुसकर एसीपी भगत को बाहर नहीं निकालते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। आरोप है कि इस दौरान उनके पीएसओ हवलदार राहुल को एक शरारती तत्व ने चाकू मार दिया, जबकि ऑपरेटर दीपक भी पत्थर लगने से घायल हो गए।
दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट के डीसीपी विनीत कुमार ने बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे उनकी ड्यूटी संसद मार्ग-टॉलस्टॉय मार्ग पर थी। इसी दौरान राजौरी गार्डन के एसीपी शरद चंद निर्मल ने सूचना दी कि प्रदर्शनकारियों ने एसीपी विवेक भगत को घेर लिया है और उन पर लात-घूंसों, डंडों व पत्थरों से हमला कर रहे हैं।
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सूचना मिलते ही डीसीपी विनीत कुमार अपने पीएसओ हवलदार राहुल और ऑपरेटर दीपक के साथ मौके पर पहुंचे। एसीपी शरद चंद निर्मल ने भीड़ को रोकते हुए उन्हें कवर दिया, जिसके बाद डीसीपी विनीत कुमार ने एसीपी विवेक भगत को पकड़कर सुरक्षित बाहर निकाला। इसी दौरान भीड़ में मौजूद एक शरारती तत्व ने हवलदार राहुल के पेट में चाकू घोंप दिया। गंभीर रूप से घायल राहुल को बाद में अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके पेट में पांच से अधिक टांके लगाए गए। वहीं ऑपरेटर दीपक ने हेलमेट पहन रखा था, लेकिन एक पत्थर हेलमेट से टकराकर उनकी नाक पर लगा, जिससे नाक में फ्रैक्चर हो गया। चोट के कारण उन्हें न्यूरोलॉजिकल दिक्कत भी हुई। सभी घायलों को पहले आरएमएल अस्पताल ले जाया गया, जबकि एसीपी विवेक भगत को बाद में एम्स रेफर कर दिया गया।
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हिंसा के पीछे फंडिंग और नेटवर्क की पड़ताल
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के पीछे लॉजिस्टिक सपोर्ट और संभावित विदेशी फंडिंग की जांच शुरू कर दी है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आंदोलन को सुनियोजित तरीके से किसने संगठित किया, भीड़ को संसाधन किसने उपलब्ध कराए और इसके पीछे कौन-कौन से नेटवर्क सक्रिय थे। जांच के दौरान विदेशी कनेक्शन और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
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