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Delhi : संभल में मिला था बेटी का शव, पड़ताल में पंचकूला से जिंदा मिली; पिता ने कराई थी गायब होने की शिकायत

Thu, 15 Aug 2024 06:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

परिवार ने भी चेहरा देखकर उसकी पहचान कर ली। किसी ने गला घोंटकर लड़की को मारने के बाद उसके हाथ-पांव बांधकर बोरे में लाश को गन्ने के खेत में ठिकाने लगाया था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली के विजय विहार इलाके से अगवा की गई 16 साल की लड़की लाश यूपी के संभल से बरामद हुई। परिवार ने भी चेहरा देखकर उसकी पहचान कर ली। किसी ने गला घोंटकर लड़की को मारने के बाद उसके हाथ-पांव बांधकर बोरे में लाश को गन्ने के खेत में ठिकाने लगाया था। परिवार ने बेटी को मरा हुआ समझ लिया, लेकिन दिल्ली पुलिस के अधिकारी लाश को दिल्ली से अगवा हुई लड़की की मानने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने अपनी पड़ताल जारी रखी। काफी प्रयास के बाद पुलिस की टीम आखिर लड़की तक पहुंच गई। पुलिस ने लड़की को चंडीगढ़ के पास पंचकुला, हरियाणा से सकुशल बरामद कर लिया।  

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रोहिणी जिला के पुलिस उपायुक्त डॉ. गुरइकबाल सिंह सिद्धू ने बताया कि 18 जुलाई को विजय विहार निवासी ऑटो चालक ने अपनी बेटी के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। अभी पुलिस लड़की तलाश में जुटी थी कि सात अगस्त को संभल की रजपुरा थाना पुलिस ने परिवार व दिल्ली पुलिस से संपर्क किया। जिपनेट के आधार पर उन्होंने गायब लड़की की फोटो देखकर बताया कि 27 जुलाई को रजपुरा एरिया में एक लड़की लाश मिली थी। वह उसी लड़की की है, जो गायब है। परिवार को लाश की फोटो दिखवाई गई। परिजनों ने फोटो की पहचान अपनी बेटी के रूप में की। दिल्ली पुलिस की टीम भी संभल पहुंच गई।

विजय विहार थाना प्रभारी अजय कुमार यादव, एसआई देव कुमार व अन्यों ने लाश की बाकी डिटेल देखी तो उनको लाश गायब लड़की की नहीं लगी। टीम दिल्ली लौट आई। पुलिस ने जांच और तेज कर दी। टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर लड़की की तलाश करते हुए टीम पंचकुला पहुंच गई। वहां एक गांव से लड़की को एक लड़के के साथ सकुशल बरामद कर लिया गया। बाद में टीम लड़की को लेकर दिल्ली पहुंची। बेटी को सलामत पाकर परिवार का खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब परिवार पुलिस का धन्यवाद करते नहीं थक रहा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर वह शक नहीं करते थे तो पता नहीं लड़की कितने दिन अपने परिवार से दूर रहती।

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