जिन बच्चों को मां अपने लाड-प्यार से पाल पोसकर बड़ा करती है, कभी नहीं सोचती कि वही बच्चे बड़े होकर उस पर जुल्म ढाएंगे, उसे मारेंगे पीटेंगे। लेकिन ऐसे कई मंजर अक्सर हमे देखने को मिल जाते हैं जहां बेटे-बहू अपने मां-बाप को मार-पीटकर घर से निकाल देते हैं। इसके बाद बूढे मां-बाप दर-दर भटकने को मजबूर हो जाते हैं।
यह तो बेटे बहू की बात थी लेकिन जिस बेटी को खासतौर से उसकी मां का सबसे ज्यादा प्यार मिलता है वो ही अगर मां पर जुल्म करने लगे, उसकी पिटाई करने लगे तो आप ऐसी बेटी के बारे में क्या कहेंगे।
दिल्ली के कालकाजी में एक मां की आंखों के आंसू, शरीर पर लगी चोटों के घाव, उसके कांपते हाथ बूढी मां के दर्द की कहानी बयान करते हैं। इन सारे सितम के बाद भी ये मां यही कहती है कि उसकी बेटी ने कुछ नहीं किया, पुलिस को मत बुलाओ, मेरी ही गलती है।