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गहरे रंग के मोजे पहनते हैं तो आज ही छोड़ दें, हो सकती है जानलेवा बीमारी

Tue, 03 Sep 2019 02:11 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गहरे रंग के मोजे की ओर आकर्षित होता है डेंगू का मच्छर - फोटो : अमर उजाला
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गहरे रंग के कपड़े पहनने के शौकीन हैं तो बरसात के इस मौसम में सावधानी जरूरी है। गहरे रंग के मोजे इस मौसम में डेंगू का सबब बन सकते हैं। डेंगू का कारण बनने वाला एडिज मच्छर गहरे रंग की ओर खास आकर्षित होता है। यह मच्छर दिन में ही सक्रिय रहता है। ज्यादा ऊंचा उड़ नहीं पाता। इसीलिए डॉक्टरों की सलाह है कि सुबह और शाम को गहरे रंग के मोजे और कपड़े पहनकर सैर करने से बचना चाहिए।

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राजधानी में बरसात के दिनों में हर साल मच्छरों का प्रकोप दिखता है। वर्ष 2015 से अब तक डेंगू से जुड़े मामलों में लगातार कमी आई है, लेकिन अब भी इसकी चपेट में आकर सैकड़ों लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि सुबह-शाम पार्क में सैर के लिए जाने वालों को घर से निकलने से पहले काफी सतर्क रहना चाहिए। 

हल्के रंग के कपड़ों के अलावा शरीर पूरा ढका होना चाहिए। सफदरजंग अस्पताल के डॉ. जुगल किशोर ने बताया कि एडिज मच्छर की पहचान काफी आसान है। ये औरों से अलग होता है। इसका रंग काफी गहरा होता है। शरीर पर सफेद रंग की धारियां होती हैं। यह ज्यादा ऊंचा नहीं उड़ सकता, इसलिए इंसान के पैरों को ही निशाना बनाता है। यह घर या ऑफिस में तेजी से पनपता है। घर में रखे कूलर, एसी, बगैर मिट्टी वाले पौधे, छत पर पड़े कबाड़ में भरे बारिश के पानी, छत पर पड़े टायर में जमा पानी आदि में यह जन्म लेता है। पांच से छह दिन में इनकी सफाई कर दी जाए तो लार्वा नहीं पनप सकता। 
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मैक्स अस्पताल के डॉ. रजनीश मल्होत्रा ने बताया कि एडिज मच्छर के काटने के बाद उस जगह पर सूजन दिखने लगती है। दो दिन बाद यहां छोटा सा लाल दाना दिखाई देता है। इसमें दर्द भी होता है। इसके जरिये लोग समय पर पहचान कर सकते हैं। 
 

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अगस्त में 52 को डेंगू, 56 को मलेरिया

डेंगू वार्ड - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को आई दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार, बीते अगस्त माह में डेंगू के 52 मामले दर्ज किए गए हैं। मलेरिया इससे ज्यादा 56 लोगों को चपेट में ले चुका है। हालांकि चिकनगुनिया को लेकर स्थिति जरूर नियंत्रण में नजर आ रही है। राजधानी के सरकारी अस्पतालों में चिकनगुनिया पॉजीटिव तीन मरीजों का इलाज किया गया। 

वहीं जनवरी से अगस्त तक की बात करें तो डेंगू के 92, मलेरिया के 154 और चिकनगुनिया के 22 केस सामने आ चुके हैं। निगम की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सप्ताह डेंगू के सबसे ज्यादा मामले दक्षिणी इलाके में दिखे। पूर्वी और उत्तरी निगम क्षेत्र में एक-एक और दक्षिणी दिल्ली में चार मामले सामने आए हैं। नई दिल्ली क्षेत्र में एक डेंगू मरीज दर्ज हुआ।
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