संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। हर वर्ष 7 जुलाई को विश्व चॉकलेट दिवस मनाया जाता है। समय के साथ चॉकलेट की पसंद में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां लोग मिल्क चॉकलेट को अधिक पसंद करते थे, वहीं अब स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते युवाओं के बीच डार्क चॉकलेट तेजी से लोकप्रिय हो रही है। कम चीनी और अधिक कोको होने के कारण इसे अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प माना जा रहा है।
वह डार्क चॉकलेट इसलिए खाना पसंद करती हैं क्योंकि इसमें चीनी कम होती है और यह स्वास्थ्य के लिए बेहतर मानी जाती है। उनका कहना है कि सीमित मात्रा में डार्क चॉकलेट खाने से स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी ध्यान रखा जा सकता है।-खुशी,सैक्टर दो निवासी
पहले वह सामान्य चॉकलेट खाते थे, लेकिन अब फिटनेस और हेल्थ को ध्यान में रखते हुए डार्क चॉकलेट को प्राथमिकता देते हैं। उनका मानना है कि युवाओं को स्वाद के साथ स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए।-ध्रुव, राजीव नगर निवासी
डार्क चॉकलेट का स्वाद अलग होने के बावजूद अब यह उनकी पसंदीदा बन गई है। वह कहती हैं कि जब भी चॉकलेट खाने का मन होता है तो वह डार्क चॉकलेट ही चुनती हैं क्योंकि यह अपेक्षाकृत स्वास्थ्यवर्धक मानी जाती है।-साक्षी कैंप निवासी
विशेषज्ञ से बातचीत
डार्क चॉकलेट में कोको की मात्रा अधिक और चीनी कम होती है। यह एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है और सीमित मात्रा में सेवन करने पर हृदय, लीवर और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकती है। वहीं अधिक चीनी और दूध वाली चॉकलेट का अधिक सेवन लीवर, ब्लड शुगर और समग्र स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने सलाह दी कि दांतों की सेहत के लिए चिपचिपी चॉकलेट से बचना चाहिए और अधिक चीनी व दूध वाली चॉकलेट का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
डॉ. आश्मि, दंत चिकित्सक, जिला नागरिक अस्पताल