इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के सह संस्थापक यासीन भटकल ने कर्नाटक में एक परफ्यूम और प्राकृतिक चिकित्सा की दवाओं की दुकान खोली थी। यही दुकान वर्ष 2001 में दरभंगा मॉड्यूल की स्थापना का केंद्र बनी थी।
यहीं से देशभर में आतंकी हमलों की साजिश की जाती थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भटकल और उसके तीन साथियों के खिलाफ दायर आरोपपत्र में इस तथ्य को उजागर किया है।
एनआईए ने आरोप पत्र में कहा है कि यासीन और आईएम के अन्य सदस्यों फैज मोहम्मद एवं अन्य के दुकान में बने घनिष्ठ संबंधों के बाद ही दरभंगा मॉड्यूल अस्तित्व में आया। जांच में पाया गया कि दिसंबर 2001 के आसपास यासीन ने नूर मस्जिद के पास अल्मोतास्हम नाम से दुकान खोली थी।
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यह दुकान अंजुमन इंजीनियंरिंग कॉलेज के छात्रों में काफी प्रख्यात थी। फैज मोहम्मद, तारिक अंजुम इत्यादि छात्र स्वतंत्र रूप से दुकान का इस्तेमाल करते थे।
एनआईए के अनुसार इसी दुकान पर दरभंगा के क्षेत्रीय लोग और बच्चे जिहाद, क्षेत्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर चर्चा करते थे। प्रतिबंधित संगठन का सदस्य फैज मोहम्मद दरभंगा व अंजुम नागालैंड का रहने वाला है।
एनआईए के अनुसार यासीन भटकल व आईएम के अन्य गुर्गों ने भी दरभंगा में सुरक्षित ठिकानों की स्थापना की थी। भटकल व असदुल्ला अख्तर को पुलिस ने नेपाल बार्डर से 28 अगस्त 2013 को गिरफ्तार किया था जबकि मंजर इमाम व उज्जैर अहमद को उनकी निशानदेही पर बाद में गिरफ्तार किया गया था।