डेयरी कर्मचारी जयप्रकाश के साथ सोमवार को दिनहाड़े हुई 10.90 लाख रुपयों की लूट के मामले में पुलिस बदमाशों का सुराग नहीं लगा सकी है। माना जा रहा है कि वारदात किसी नए गैंग ने अंजाम दी हैं। हालांकि पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी जल्द ही अपराधियों के पकड़े जाने की बात कह रहे हैं।
मालूम हो कि मच्छगर गांव निवासी जयप्रकाश सेक्टर नौ में रहने वाले दूघ कंपनी के वितरक राजेंद्र शेखावत के यहां ड्राइवर की नौकरी करता है। सोमवार सुबह मालिक ने उसे 10.90 लाख रुपये एचडीएफसी बैंक में जमा करवाने के लिए दिए थे। वह साथी भरत के साथ पैदल ही बैंक जा रहा था।
सेक्टर नौ में केनरा बैंक के पास स्विफ्ट कार में बैठे चार नकाबपोश बदमाशों ने उसके हाथ से बैग छीना था। जयप्रकाश ने बैग नहीं छोड़ा तो बदमाशों ने पहले डंडे उसके हाथ और सिर पर वार किया और बाद में गोली चला दी थी। एक गोली जय प्रकाश के सिर को छूते हुए निकल गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा था।
बदमाश रुपयों भरा बैग ले चर्च रोड की ओर कार से फरार हो गए थे। मामले की जांच के लिए सेक्टर सात पुलिस के अलावा सीआईए सेक्टर 30 और सीआईए सेक्टर 48 की टीमें लगी हुई हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शनिवार रात सेक्टर 82 में एस्कॉट्र्स कंपनी के अधिकारी को गोली मार कर कार लूटने वाले और सोमवार को जयप्रकाश के साथ लूटपाट करने वाले बदमाश एक ही गैंग के हैं।
यह गैंग शहर में नया है इसलिए जल्दी जल्दी वारदात कर रहा है। पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी ने कहा कि बदमाशों की तलाश जारी है जल्द ही वह सबके सामने होंगे।