बाबा के सौतेले भाइयों के साथ कुछ समर्थक भी साथ आए थे। इन समर्थकों ने बताया कि दाती महाराज की माता की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद दाती महाराज के पिता ने दूसरी शादी कर ली।
तीनों भाई पाली स्थित घर में रहते हैं। वह सिर्फ शनिवार को दिल्ली आते हैं। तीनों ही आश्रमों में सेवादार का काम करते हैं। आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि वे विवाहित हैं बच्ची के साथ कुछ भी गलत नहीं किया है।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने जो बातें बताई हैं, उनकी जांच की जाएगी।
इससे पहले अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आश्रम में रहकर करीब 700 लड़कियां पढ़ाई कर रही हैं। सभी का खर्च दाती महाराज उठाता है। पुलिस को अधिकांश कमरे खाली मिले।
अब सवाल यह है कि किसी डर के चलते दाती महाराज ने इन लड़कियों को कहीं भेज दिया है या वे छुट्टियां होने के कारण अपने घर चली गई हैं।
छापेमारी के दौरान पीड़ित युवती स्नेहा (बदला नाम) ने पुलिस को दाती महाराज का ठिकाना और सभी कमरे दिखाए।
पुलिस ने सभी जगह की वीडियोग्राफी की और हर कमरे में जाकर तलाशी ली। पुलिस ने आश्रम का नक्शा भी बनाया। पीड़िता ने दाती महाराज का वह ठिकाना भी बताया, जहां उसके साथ दुष्कर्म हुआ था। यह वही गुरुकुल है, जिसमें दाती महाराज के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने वाली युवती कई वर्षों तक रही थी। बताया जा रहा है कि इस स्कूल में अनाथ लड़कियों को पढ़ाया जाता है। गुरुकुल के अधिकारियों ने रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कराने का कोई प्रयास भी नहीं किया था। जो 3 साल से खत्म हो गया था।