भारतीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र, देश में पंजीकृत स्टार्टअप के युवा अब 21 वीं सदी की साइबर सुरक्षा व साइबर अपराध की चुनौतियों के समाधान के लिए तकनीक इजाद करेंगे।
साइबर क्राइम पर लगाम लगाने के मकसद से अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ' कवच 2023 ' साइबर सुरक्षा हैकथॉन का दो चरणों में आयोजन करने जा रहा है। इसमें एआईसीटीई के साथ पुलिस अनुसंधान व विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी), इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर मिलकर काम करेंगे।
खास बात यह है कि पहले चरण में फर्जी खबर, सोशल मीडिया, डार्क वेब, महिला सुरक्षा, फिशिंग डिटेक्शन क्षेत्रों में काम होगा। जबकि स्पैम अलर्ट, मैलवेयर विश्लेषण, डिजिटल फोरेंसिक पर तकनीक इजाद होगी।
दिल्ली में गुरुवार को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर टीजी सीताराम, पुलिस अनुसंधान ब्यूरो और डेवलपमेंट के महानिदेशक बालाजी श्रीवास्तव और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के सीईओ राजेश कुमार (आईपीएस ) ने राष्ट्रीय स्तर की हैकथॉन कवच-2023 को लॉन्च किया।
इस हैकथॉन की थीम 21वीं सदी की साइबर सुरक्षा और साइबर अपराध की चुनौतियों से निपटने के लिए नवाचार व तकनीकी समाधान विकसित करना है। एआईसीटीई के अध्यक्ष डॉ. टीजी सीताराम ने बताया कि कवच-2023 एक राष्ट्रीय हैकथॉन है, जिसमें सभी मिलकर तकनीक इजाद करेंगे।
वहीं, पुलिस अनुसंधान ब्यूरो और डेवलपमेंट के महानिदेशक बालाजी श्रीवास्तव ने कहा कि यह 36 घंटे का कार्यक्रम होगा, जिसके दौरान देश भर के शैक्षणिक संस्थानों के युवा और पंजीकृत स्टार्ट-अप अपनी तकनीकी का उपयोग करके साइबर सुरक्षा के लिए मजबूत, सुरक्षित और प्रभावी तकनीकी समाधान ढूंढने के लिए हिस्सा लेंगे।
विशेषज्ञता और नवाचार की एक मजबूत प्रणाली निगरानी और सुरक्षा प्रावधानों के साथ साइबर सुरक्षा अपराधों को रोकने में सफल होगी। उधर, एआईसीटीई के उपाध्यक्ष अभय जेरे ने कहा, कवच-2023 दो चरणों में आयोजित किया जाएगा।
पहले चरण को फेक न्यूज, सोशल मीडिया, डार्क वेब, महिला सुरक्षा, फिशिंग डिटेक्शन जैसे विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है। इसके अलावा वीडियो एनालिटिक्स, सीसीटीवी, अश्लील सामग्री का पता लगाने, स्पैम अलर्ट, और मैलवेयर विश्लेषण,डिजिटल फोरेंसिक को लोगों के सामने रखा जाएगा। इच्छुक प्रतिभागियों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग जैसी मजबूत तकनीकों का उपयोग करके डिजिटल समाधान विकसित करने की कोशिश है।
प्रति टीम एक महिला और दो मेंटर होंगे:
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के सीईओ राजेश कुमार (आईपीएस ) ने कहा कि कवच 2023 का ग्रैंड फिनाले 36 घंटे लंबा मेगा इवेंट होगा। इसमें देश भर के शैक्षणिक संस्थानों के चयनित युवा और पंजीकृत स्टार्ट-अप अपने ज्ञान, तकनीकी विशेषज्ञता और नवीन कौशल का उपयोग करके मजबूत, सुरक्षित और प्रभावी तकनीकी समाधान खोजने के लिए भाग लेंगे। विजेता टीमों को 20 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। प्रति टीम एक महिला छात्रा और दो मेंटर होंगे। इच्छुक उम्मीदवार 1 से 15 अप्रैल तक अपने आइडिया भेज सकते हैं।