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Cyber Crime : डिजिटल अरेस्ट कर साढ़े 44 लाख से ज्यादा की ठगी, फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर दिया वारदात को अंजाम

Sat, 22 Feb 2025 01:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

जालसाजों ने एक शख्स को खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर फोन किया और उनकी संपत्ति के खिलाफ ही झूठे मामले का डर दिखाकर साढ़े 44 लाख रुपये ठग लिए।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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पुलिस की ओर से तमाम जागरूकता अभियान के बावजूद जालसाज लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे लाखों की ठगी कर रहे हैं। ताजा मामला सदर अपार्टमेंट मयूर विहार एक्सटेंशन में सामने आया है। जालसाजों ने एक शख्स को खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर फोन किया और उनकी संपत्ति के खिलाफ ही झूठे मामले का डर दिखाकर साढ़े 44 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर सेल ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

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पीड़ित की पहचान वीरेंद्र कुमार इंदौरा के रूप में हुई है। वह परिवार के साथ सदर अपार्टमेंट मयूर विहार एक्सटेंशन में रहते हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 10, 11, 12, 13 और 14 जनवरी एक अनजान व्यक्ति ने उसे कई बार व्हाट्सएप कॉल किए। उसने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया।

उसने पीड़ित को उनकी ही संपत्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। उन्हें कानूनी कार्रवाई और सजा का डर दिखाकर बुरी तरह डरा दिया। उसके बाद उनपर दबाव बनाकर उन्हें बैंक खातों में जमा रकम देने के लिए कहा। इसके लिए पीड़ित ने अपनी एफडी तोड़कर जालसाज के कई खातों में साढ़े 44 लाख डाले।
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पीड़ित के मुताबिक जालसाज ने रकम को दिनेश के दो खातों में 33 लाख और पांच लाख जबकि इमरान अली के खाते में साढ़े छह लाख रुपये डलवाए। पीड़ित ने बताया कि उनके दोनों खाते पत्नी उर्मिला इंदौरा के साथ संयुक्त खाते हैं। पीड़ित ने बताया कि उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही थी।

उन्होंने 19 जनवरी को राष्ट्रीय साइबर रिपोर्टिंग पोर्टल पर इसकी शिकायत की। वहां से साइबर सेल के पास शिकायत आने के बाद पुलिस ने 20 फरवरी को पीड़ित का बयान लेकर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों के फोन नंबर और बैंक खातों के लेनदेन के आधार की जानकारी हासिल करने में जुट गई है।

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