जिस साइबर अटैक का शिकार हो रहे दुनियाभर के कंप्यूटर, उससे बचने का ये है सरल उपाय
Wed, 17 May 2017 09:34 AM IST
आशुतोष दुबे/अमर उजाला, नोएडा
सार
साइबर अटैक के असर से बैंकिंग प्रणाली रही बाधित
नकदी जमा करने, निकासी और नैट बैंकिंग बंद होने से हुई परेशानी
-अपग्रेड वर्जन के लिए दी जा रही ट्रेनिंग, एक घंटे तक रहा काम ठप
भारत समेत 99 देशों पर शनिवार को हुए साइबर अटैक का असर सोमवार को नोएडा में भी देखने को मिला। यहां सुबह से ही बैंकिंग प्रणाली बाधित रही। एटीएम बूथों में लगी सैकड़ों मशीनों ने कार्य नहीं किया। सबसे ज्यादा असर निजी बैंक प्रणाली पर दिखा।
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आधे से एक घंटे तक काम ठप रहने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंकों में नकदी जमा करने, निकासी के अलावा आरटीजीएस, नेट बैंकिंग सुविधा बंद होने से काफी दिक्कत हुई।
हालांकि साइबर अटैक के बाद बैंकों की सर्वर प्रणाली को हाईटेक किया जा रहा है। इसे अपग्रेड करने का काम शुरू किया जा चुका है। बतौर इसके लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। वहीं एसएसपी के पीआरओ गजेंद्र श्रोतिया ने लोगों को व्हाट्सऐप ग्रुप पर अलर्ट किया है।
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साइबर हमले के पीछे रैंसमवेयर वायरस उत्तरदायी
साइबर एक्सपर्ट अनुज अग्रवाल ने बताया इस साइबर हमले के पीछे रैंसमवेयर (वानाक्राई) वायरस उत्तरदायी है, जो एक कंप्यूटर से दूसरे में नेटवर्किंग के जरिये पहुंच रहा है। इससे सावधान रहने को कहा गया है।
साइबर अटैक का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग प्रणाली व हेल्थ सेक्टर में देखने को मिल रहा है। अभी तक जांच में नोएडा में बैंक से जुड़ा ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन अलर्ट जारी किया जा चुका है। चूंकि यहां कंपनियों व बैंक के सर्वर देश के अन्य शहरों से जुड़े हैं।
ऐसे में यह वायरस बेहद खतरनाक तरीके से अपना कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि शहर के अधिकांश एटीएम ने वायरस के अटैक की वजह से काम नहीं किया। इसके चलते आरबीआई ने ऐसे सभी एटीएम बूथों पर लगी मशीनों को बंद करने का निर्देश दिया।
अपग्रेड हो रहे बैंकों में लगे कंप्यूटर
यहां अधिकांश बैंकों में मुख्य कंप्यूटर व सर्वर चलाया ही नहीं गया। चूंकि शहर के अधिकांश बैंकों में एक्सपी व विंडोज-7 पर काम होता है। इस वायरस का असर भी इसी सर्वर के सिस्टम पर ज्यादा है। ऐसे में शहर के बैंकों में लगे कंप्यूटरों को अपग्रेड किया जा रहा है।
सेक्टर-62 पीएनबी बैंक की सीनियर मैनेजर अल्का ने बताया कि मुख्यालयों से उनके पास इससे संबंधित मेल आ चुकी है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि जब तक सिस्टम अपग्रेड नहीं होते, किसी भी तरह का कार्य न किया जाए।
इसे लेकर सोमवार को बैंकों में ट्रेनिंग पीरियड चलाए गए। एक्सपर्ट की मानें तो साइबर हमले से बचने के लिए सुरक्षा का कवच बना लिया गया है। ऐसे में एक दो दिन में इसका असर पूर्ण रूप से समाप्त हो जाएगा।
यह वायरस फिरौती मांगने के लिए ही डाला गया है। इसका असर बहुत व्यापक है, लेकिन इसका छोटा सा असर एक सप्ताह पहले नोएडा सेक्टर-63 स्थित फाइबर बनाने वाली कंपनी में देखने को मिला था। बताया गया है कि कंपनी में रैंसमवेयर वायरस से हमला किया गया।
अधिकांश कंप्यूटर को हैक कर लिया गया था। सिस्टम पर करीब चार लाख रुपये बतौर फिरौती मांगी गई। अनुज अग्रवाल ने बताया कि इस हमले में आंध्रप्रदेश पुलिस की वेबसाइट को भी हैक कर लिया गया है। इससे निपटने के लिए साइबर सेल की टीम लगी है।
कैसे करें बचाव
-स्पेम मेल कम से कम खोलें।
-पोर्न व इस तरह की अन्य वेबसाइट खोलने से बचें।
-अनऑथराइज्ड व प्रतिबंधित वेबसाइटों के लिंक न खोलें।
-फेसबुक व सोशल नेटवर्किंग पर डाले गए लिंक न खोलें।
-सिस्टम को अपग्रेड करें। अपडेट वर्जन का इस्तेमाल करें।