सीवीसी जांच रिपोर्ट के निष्कर्ष
मूल रूप से प्रस्तावित और स्वीकृत कार्यों के लिए निविदाएं मंगवाई गई। बाद में प्रस्तावों में बदलावों के कारण अनुबंध मूल्य में भी 17 से 90 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई। लागत में 326.25 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हो गई। यह निविदा राशि से 53 फीसदी अधिक है। बढ़ी हुई लागत का उपयोग केवल 4027 के निर्माण के लिए किया गया जबकि इससे 6133 कक्षाओं का निर्माण किया जाना था। इसके अलावा 194 विद्यालयों में 160 शौचालयों की जरूरत थी जबकि 37 करोड़ की लागत से 1214 शौचालय निर्मित करवाए गए। इससे प्रत्येक्ष क्लास रूम के निर्माण की औसत लागत में भी बढ़ोतरी हुई। निरीक्षण में सामने आया कि 29 के बजाय स्कूलों में केवल 2 वर्षा जल संचयन प्रणाली पाई गई।
इन परियोजनाओं के लिए स्वीकृत राशि 989.26 करोड़ रुपये थी जबकि निविदाओं के लिए 860.63 करोड़ रुपये अवार्ड होने के बावजूद वास्तविक खर्च बढ़कर 1315.57 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। अतिरिक्त कार्यों के लिए कोई नई निविदा नहीं बुलाई गई और मौजूदा ठेकेदार भी दूसरे स्कूलों में काम कर रहे थे। कई कार्य अधूरे छोड़ दिए और कार्यों के निष्पादन में गुणवत्ता में कमियां भी सामने आई थीं। इसे जीएफआर, सीपीडब्ल्यूडी वर्क्स मैनुअल और सीवीसी का घोर उल्लंघन बताया गया।
अच्छे कामों को रोकने के लिए अब एलजी ने स्कूलों पर भी जांच शुरू की
इस मसले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधान सभा में आरोप लगाया कि सीबीआई की छापेमारी के बाद भी जब उपमुख्यमंत्री पर केंद्र सरकार का दांव नहीं चला तो हमारे विधायकों के पास गए। अभी तक 12 विधायकों ने बताया है कि उनको 20-20 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया है। दो-चार और को लाने पर 25 करोड़ लालच 25 करोड़ रुपये का दिया गया। नहीं मानने पर धमकी भी दी गई है। बावजूद इसके कोई विधायक नहीं टूटा। यह लोग आप के 40 विधायकों को तोड़ना चाहते हैं। ऑपरेशन लोटस दिल्ली के नाम से इनका यह पूरा ऑपरेशन है। इसके लिए 800 करोड़ रुपये रख रखा है। अभी-अभी सूचना मिली है कि अब उपराज्यपाल ने स्कूलों पर भी जांच शुरू कर दी है। इनका मूल मकसद सारे काम को रोकना है। स्कूल रूक जाएं, अस्पताल रूक जाएं, जितने अच्छे काम हो रहे हैं, वो सारे रूक जाएं, जनता को तकलीफ हो रही है। इस सबके पीछे गुजरात है। जैसे-जैसे आप का ग्राफ गुजरात में बढ़ रहा है, यह लोग बेचैन हैं। अगर हम आज यह घोषणा कर दें कि हम गुजरात में चुनाव नहीं लड़ेंगे, तो ये सारी जांच बंद हो जाएगी।