गौतम बुद्घ नगर (नोएडा) से भारतीय जनता पार्टी के सांसद और संस्कृति राज्य मंत्री महेश शर्मा भारतीय संस्कृति पर पश्चिमी सभ्यता के दुष्प्रभाव पर बयान देने के बाद अब औरंगजेब रोड का नाम बदले जाने पर कुछ ऐसा बयान दे दिया है जिससे एक नया विवाद पैदा हो गया है।
इस बार उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति और हाल में दिवंगत हुए एपीजे अब्दुल कलाम के बारे में अपनी राय जाहिर की है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने एक इंटरव्यू में कहा कि मुसलमाल होने के बावजूद कलाम एक महान व्यक्ति थे।
महेश शर्मा ने कलाम की तारीफ करते हुए यह भी कहा कि एक मुसलमान होने के बावजूद डॉक्टर कलाम एक राष्ट्रवादी और मानवतावादी इंसान थे।
असल में महेश शर्मा दिल्ली के औरंगजेब रोड का नाम बदले जाने पर चर्चा में भाग ले रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि औरंगजेब कोई आदर्श नहीं थे। प्रेरणास्रोत ही प्रेरक हो सकते हैं।
संस्कृति मंत्रियों की बैठक में दिया विवादित बयान
महेश शर्मा ने कहा कि औरंगजेब रोड का नाम बदल कर एक ऐसे महापुरुष के नाम पर किया गया है जो मुसलमान होते हुए भी इतने बड़े राष्ट्रवादी और मानवतावादी इंसान थे। यही कारण है इस रोड का नाम एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर किया गया है।
हालांकि बृहस्पतिवार को उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए सफाई दी कि उन्होंने बस इतना कहा है कि कलाम एक राष्टवादी मुसलमान थे।
बता दें कि इससे पहले भाजपा शासित राज्यों के संस्कृति मंत्रियों की बैठक में उन्होंने कहा था कि हमें हर उस चीज की सफाई करनी होगी जिसे पश्चिमी सभ्यता ने दूषित कर दिया है। चाहे वह हमारा इतिहास हो, संस्कृति हो या कोई संस्था।
पश्चिमी सभ्यता का किया विरोध
महेश शर्मा ने यह भी कहा था कि हमारी संस्कृति पर पश्चिमी सभ्यता इतनी हावी हो चुकी है कि अगर हम अपनी संस्कृति के बारे में बात करते हैं तो तथाकथित बुद्घिजीवी हम पर भगवाकरण करने का आरोप लगा देते हैं। इसे मुझे दुख होता है।
उन्होंने कहा कि हमारे देश की ताकत हमारी समृद्घ संस्कृति और सभ्यता है और मुझे यह देख कर दुख होता है कि इस पर पश्चिमी सभ्यता का अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है।
हालांकि उन्होंने कहा कि मुझे इस बात से कोई परहेज नहीं कि हम पश्चिमी सभ्यता की अच्छी बातों को स्वीकार करें लेकिन साथ ही हमारी सभ्यता की ऐसी चीजों को भी आगे बढ़ाया जाना चाहिए।