- 60 से अधिक कलाकार, 14 शास्त्रीय एवं लोक नृत्य शैलियां, भारत की सांस्कृतिक विविधता का सजीव चित्रण
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बृहस्पतिवार की संध्या सिरी फोर्ट रोड स्थित एनसीयूआई ऑडिटोरियम में सांस्कृतिक संध्या ‘एक शाम… स्वदेशी के नाम’ का आयोजन हुआ। इसमें भारत की एकता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्वदेशी चेतना को समर्पित रहा, जिसमें कला, भावनाओं और राष्ट्रभाव का प्रभावशाली संगम देखने को मिला। लगभग 90 मिनट तक चली इस थीम आधारित प्रस्तुति में देशभर से आए 60 से अधिक कलाकारों ने 14 शास्त्रीय एवं लोक नृत्य शैलियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को मंच पर सजीव किया। नृत्य, संगीत और प्रभावी कोरियोग्राफी के जरिये ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत मातृभूमि के शांत वंदन से हुई, जो आगे चलकर भारत माता के प्रतीकात्मक चित्रण में परिवर्तित हो गई। मंच पर नदियों, पर्वतों, उपजाऊ धरती और ग्रामीण जीवन की लय को नृत्य रूप में उकेरा गया।