74 देशों के छात्रों ने भी जताया भरोसा:
यूजीसी अध्यक्ष ने बताया कि सीयूईटी यूजी 2023 के लिए 74 देशों के छात्रों ने भी भारत में उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए भरोसा जताया है। इस बार 74 देशों से करीब 1000 से अधिक विदेशी छात्रों ने आवेदन पत्र भरा है। भारत में उच्च शिक्षा के लिए यूरोप, एशिया, अमेरिका, खाड़ी देशों के छात्रों ने सबसे अधिक आवेदन पत्र भरे हैं।
छात्राओं की संख्या में 50 फीसदी इजाफा:
सीयूईटी यूजी 2023 में शामिल होने वाले 13.99 लाख छात्रों में से 6.51 लाख छात्राएं हैं। जबकि परीक्षा में 7.48 पुरुष छात्र शामिल होंगे। यदि बात करें सीयूईटी यूजी 2022 के पहले संस्करण की तो 9.90 लाख छात्र शामिल हुए थे। इसमें से 4.34 छात्राएं और 5.56 पुरुष छात्र शामिल थे। यदि बात करें सीयूईटी यूजी 2022 की तो सीयूईटी यूजी 2023 में छात्राओं की संख्या में 50 फीसदी इजाफा हुआ है। जबकि 34 फीसदी पुरुष छात्रों की संख्या में इजाफा हुआ है। एसी वर्ग में 61.5 फीसदी का इजाफा हुआ है। वर्ष 2022 में 58881 आवेदन मिले थे तो 2023 में 95119 आवेदन मिले हैं। एससी वर्ग में 140307 आवेदन मिले हैं। जोकि 2022 की तुलना में 35.5 फीसदी का इजाफा हुआ है। ओबीसी में 45.2 फीसदी इजाफे के साथ 461022 आवेदन मिले हैं। जबकि सामान्य वर्ग में 39.6 फीसदी इजाफा हुआ है और 642443 आवेदन मिले हैं। वहीं, ईडब्ल्यूएस वर्ग में 20.5 फीसदी इजाफा और 60611 आवेदन मिले हैं।
सीयूईटी यूजी 2023 की मेरिट से बीए, बीकॉम, बीएससी प्रोग्राम में दाखिला मिलेगा। इसके अलावा मेरिट से डयूल डिग्री, बीबीए-एलएलबी, बैचलर ऑफ वोकेशनल प्रोग्राम, बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन, बैचलर ऑफ फिलोस्पी, बीएससी-एमएससी, बीए-एमए इंटीग्रेटिड, बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर आदि में भी सीट मिलेगी। इसके अलावा कई विश्वविद्यालयों में इसी मेरिट स्कोर से बीटेक कोर्स और कई डिप्लोमा में भी दाखिला दिया जाएगा।
केरल और तमिलनाडूृ से आवेदन की संख्या में इजाफा:
प्रो. कुमार ने बताया कि दक्षिण भारत के राज्यों से भी आवेदन की संख्या में इजाफा हुआ है। इसमें आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, करेल, तेलगांना और तमिलनाडूृ का नाम सबसे आगे हैं। केरल से सीयूईटी यूजी 2022 में महज 37303 छात्रों ने आवेदन किया था। जबकि सीयूईटी यूजी 2023 में 56111 आवेदन मिले हैं। यह पिछले साल के मुकाबले 51 फीसदी अधिक है। वहीं, दक्षिण भारत के राज्यों में तमिलनाडूृ से दूसरे नंबर पर सबसे अधिक आवेदन आये हैं। 2022 के मुकाबले आवेदन संख्या में 45 फीसदी का इजाफा हुआ है।