आम बजट में व्यापारिक सुविधा बढ़ाने के लिए व्यापारिक संठनों ने केंद्र सरकार को सुझाव भेजना शुरू किया है। इसे लेकर व्यापारिक संगठन बैठक भी कर रहे है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने भी 2021-2022 बजट को लेकर ऑनलाइन बैठक की।
दिल्ली में व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के चेयरमैन बृजेश गोयल व सुभाष खंडेलवाल ने बताया कि बैठक में कारोबारियों ने अपनी परेशानियों और मांगों का ड्राफ्ट तैयार किया है। तैयार ड्राफ्ट को केन्द्रीय वित्त मंत्री को भेज दिया गया है। मिलने का समय भी मांगा गया है।
व्यापारियों ने कई अहम सुझाव दिए है जिनमें मुख्य रूप से इनकम टैक्स में छूट की सीमा 5 लाख होनी चाहिए, टैक्स रिबेट द्वारा 5 लाख तक के टैक्सपेयर्स को इन्कम टैक्स से दी गई छूट का लाभ सभी मध्यम एवं उच्चवर्गीय टैक्स पेयर्स जिनकी इनकम 5 लाख से ज्यादा है उनको भी मिलना चाहिए।
‘‘ईज आफ डुईगं बिजनेस’’ और परंपरागत व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नकद में व्यापार करने की अनुमति मिलनी चाहिए। सरकार ऐसे उपाय करे, जिससे निवेश बढ़े और ज्यादा से ज्यादा रोजगार मार्केट में पैदा हों। कच्चे माल पर इंपोर्ट ड्यूटी भी कम करनी चाहिए। इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस करना होगा। 'वोकल फॉर लोकल' अभियान पर ठोस काम की जरूरत।