-बढ़ती महंगाई ने किया दुकानदारों की कमाई को प्रभावित, सामग्री के दाम बढ़ने से दुकानदारों की लागत में इजाफा
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। नवरात्रि समाप्त होने और दशहरे के अवसर पर 20 अक्तूबर को पूर्वी दिल्ली के बाजारों में सुबह से ही रौनक देखने को मिली। भजनपुरा, यमुना विहार, शाहदरा, मौजपुर, कृष्णा नगर, निर्माण विहार और लक्ष्मी नगर समेत कई बाजारों में खाने-पीने के स्टॉल सजने शुरू हो गए। त्योहार पर अधिक भीड़ की उम्मीद में दुकानदारों ने सामान्य दिनों के मुकाबले दो से तीन गुना अधिक सामान तैयार किया। हालांकि, बाजारों में ग्राहकों की बढ़ती आवाजाही के बावजूद महंगाई के कारण दुकानदारों के मुनाफे पर असर पड़ रहा है। रावण दहन देखने निकले, तो कुछ बाजारों में सजी दुकानों और त्योहार की सजावट देखने पहुंचे। वहीं, नवरात्र के नौ दिनों तक व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने भी व्रत खोले। इस दौरान चाट, टिक्की, गोलगप्पे, बर्गर और दही भल्ले समेत अन्य खाद्य पदार्थों के स्टॉल पर लोगों की आवाजाही बनी रही।
मुनाफे पर पड़ा असर
खाने-पीने की चीजें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के दाम बढ़ने से दुकानदारों की लागत में इजाफा हुआ है। चाट, टिक्की, गोलगप्पे, बर्गर और दही भल्ले जैसी चीजों को तैयार करने के लिए जरूरी सामग्री पहले के मुकाबले महंगी हो गई है। ऐसे में दुकानदारों को अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं। कीमतें बढ़ने के कारण ग्राहक पहले के मुकाबले कम खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बिक्री और मुनाफे पर असर पड़ रहा है। दुकानदारों के मुताबिक, त्योहारों पर आम दिनों की तुलना में अधिक बिक्री होने की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार बढ़ती महंगाई ने उनकी कमाई को प्रभावित किया है।
कई सालों से यह काम कर रहे हैं। इस बार गोलगप्पे, टिक्की और बर्गर जैसी चीजें बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के दाम काफी बढ़ गए हैं। इसका असर हमारे मुनाफे पर पड़ रहा है।
-सुमित यादव, दुकानदार
हर साल महंगाई बढ़ती है, लेकिन इस बार इसमें काफी ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। लोग बाजारों में तो आ रहे हैं, लेकिन खरीदारी पहले के मुकाबले कम कर रहे हैं। हमारा मुनाफा कम हुआ है।
-पुष्पेंद्र यादव, दुकानदार