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दिल्ली में दंगाः अनिश्चितकालीन बंदी के डर से किराने की दुकान पर भीड़ 

Wed, 26 Feb 2020 05:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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delhi violence - फोटो : एएनआई
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उत्तर पूर्वी जिले के हिंसा प्रभावित क्षेत्र में अनिश्चितकालीन बंदी के डर से इलाके के लोग सहमे हुए हैं। उन्होंने घरों में रोजमर्रा की जरूरतों का सामान एकत्र करना शुरू कर दिया है। लोगों के सामने छोटे बच्चों के लिए दूध की समस्या खड़ी हो गई है। इन इलाकों में दूध आपूर्ति में भी मुश्किल आ रही है। 

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ऐसे ही हालात उन इलाकों में भी हैं, जो हिंसा प्रभावित क्षेत्र के आसपास हैं। मौजपुर, बाबरपुर, करावल नगर, भजनपुरा, दयालपुर, घोंडा, गोकलपुरी में सोमवार को हिंसा हुई थी। मंगलवार को इन इलाकों में दुकानें बंद रहीं। 

कुछ देर के लिए शांति व्यवस्था कायम होते देख दुकानदारों ने दुकानें खोल लीं। दुकानें खुलते ही वहां लोग पहुंचने लगे और रोजमर्रा के सामान की खरीदारी की। खरीदार इतने ज्यादा थे कि कुछ ही देर में सामान खत्म हो गया। 
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इसके बाद बाकी लोगों ने सामान के लिए दूसरे इलाकों का रुख गया। बातचीत में कई दुकानदारों ने बताया कि वे इन दिनों दुकान में सामान का स्टॉक भी नहीं रख रहे हैं। उन्हें डर है कि उपद्रवी उनकी दुकान पर हमला कर लूटपाट कर सकते हैं।

अफवाह फैलने के बाद धड़ाधड़ बंद हुए बाजार
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में जगह-जगह हिंसा फैलने की अफवाह के बाद मंगलवार शाम को बाजार बंद होने लगे। अफवाह के चलते 8 बजते-बजते सड़कें सूनी हो गईं।

देर शाम सोशल मीडिया पर अफवाह फैलनी शुरू हो गई थी कि पटपड़गंज, अशोक नगर, पांडव नगर, शकरपुर, प्रीत विहार और निर्माण विहार में भी हिंसा शुरू हो गई है। 

इसका नतीजा यह हुआ कि सभी कॉलोनियों के बाजार खाली होने लगे। बाजारों में अफरातफरी का माहौल हो गया। लोगों ने आपाधापी में दुकानों से सामान खरीदा। दुकानदार भी जल्दी-जल्दी में शटर गिराकर घर की तरफ चल दिए। 

सरकारी और निजी स्कूल रहे बंद
उत्तर-पूर्वी जिले में हिंसा के चलते मंगलवार को सरकारी और निजी स्कूल बंद रहे। इस कारण स्कूलों में होने वाली परीक्षाएं भी रद्द रहीं। वहीं, अन्य इलाकों के स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम रही। हिंसा की आशंका के चलते अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नही भेजा। कई जगह शिक्षक भी स्कूल नहीं पहुंचे।

स्कूलों में सालाना परीक्षाएं चल रही हैं और यदि इसी तरह के हालात रहे तो अन्य जगहों की परीक्षाएं भी रद्द की जा सकती हैं। वहीं, बुधवार को सीबीएसई की दसवीं की अंग्रेजी की परीक्षा होनी है। इस संबंध में सीबीएसई की ओर से देर रात तक फैसला लिए जाने की संभावना है। 

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