भारतीय किसान यूनियन के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र डागर ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम व उत्तर-पश्चिम दिल्ली के गांव में काफी खेती खराब हो गई है। किसानों ने सरसों, गेहूं व अन्य फसल लगा रखी थी।
दिल्ली-एनसीआर में हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसल खराब हो गई है। किसानों की मांग है कि उनके नुकसान का मुआवजा दिया जाए। दिल्ली के गांव में रहने वाले अधिकतर लोग खेती पर निर्भर हैं। बारिश के कारण इनकी खड़ी फसल गिर गई है जो खराब हो जाएगी।
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र डागर ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम व उत्तर-पश्चिम दिल्ली के गांव में काफी खेती खराब हो गई है। किसानों ने सरसों, गेहूं व अन्य फसल लगा रखी थी। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने दिल्ली के उपराज्यपाल को इस मामले में एक ज्ञापन सौंपा हैं। इसमें कहा है कि एलजी मुआवजे देने के लिए मुख्यमंत्री को आदेश दें। बारिश के कारण गेहूं, सरसों, सब्जियों और मवेशियों को काफी नुकसान पहुंचा है जिससे किसानों की हालत दयनीय हो गई है।
उन्होंने उपराज्यपाल से आग्रह किया कि वह दिल्ली सरकार के अधिकारियों को फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट तत्काल रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने का निर्देश दे ताकि किसानों को फसलों का प्रति एकड़ 50 हजार रुपए तथा प्रति मवेशी एक लाख रुपये की दर से नुकसान संबंधी मुआवजा मिल सके। राजधानी के लोगों को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भरोसा नहीं है। उन्होंने पिछले साल हुए नुकसान का मुआवजा भी सभी किसानों को नहीं दिया है। उनकी कथनी और करनी में फर्क है।