फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दादरी: तीन महीने तक बयान नहीं दे सकेगा दानिश

विज्ञापन
विज्ञापन
बिसाहड़ा कांड में घायल दानिश के बयान के लिए पुलिस को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। सिटी मजिस्ट्रेट बच्चू सिंह ने बताया कि दानिश की नाजुक हालत और उसकी याददाश्त पर हुए असर को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
विज्ञापन


दानिश को होश आ चुका है और वह लोगों से बात भी कर रहा है, लेकिन घटना की यादें उसके जहन में हैं या नहीं, इसे लेकर संदेह की स्थिति बनी हुई है।

दानिश को किसी प्रकार का सदमा न लगे, इसलिए अब तक उसके सामने किसी ने घटना का जिक्र नहीं किया है। बिसाहड़ा कांड की अहम कड़ी दानिश का बयान केस का रुख तय कर सकता है।

दानिश से जानकारी हासिल की जा सकती थी

पिता इकलाख के हत्या आरोपियों और खुद पर हमला करने वालों के बारे में दानिश से जानकारी हासिल की जा सकती थी। दानिश को होश आए चार दिन हो गए हैं और उससे अभी तक परिवार के  अलावा किसी को बात करने की इजाजत नहीं है।

न ही मीडिया न ही पुलिस उससे बात कर पा रही है। दानिश का इलाज कर रहे डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत पहले से बेहतर है लेकिन सर पर चोट लगने के कारण उसकी याददाश्त के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है।

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि दानिश आरोपियों से जुड़े सवाल कब और कैसे देगा, इस संबंध में कोई भी निश्चित स्थिति नहीं है।
विज्ञापन

अगले हफ्ते दानिश को अस्पताल से मिल सकती है छुट्टी

बिसाहड़ा कांड में गंभीर रूप से घायल हुए दानिश की हालत बेहतर है। कैलाश अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक दानिश को शनिवार को प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किया जा सकता है। दानिश को अगले हफ्ते अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। वह फिलहाल अस्पताल के एचडीयू में भर्ती है। उसके बड़े भाई सरताज ने दानिश की देखभाल के लिए अनिल नाम के एक युवक को ड्यूटी पर रख लिया है। अनिल लोनी, गाजियाबाद का रहने वाला है।

डॉक्टरों के मुताबिक दानिश एचडीयू में लोगों से बातें करता है। सामान्य खाना खाता है। अगर उसका कुछ खाने का मन करता है तो मांग भी लेता है। शुक्रवार को गांव से परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने भी उससे मुलाकात की। अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी बीबी जोशी ने बताया कि दानिश की हालत पहले से काफी बेहतर है।

उसे प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट करने की तैयारी है। सरताज ने बताया कि दानिश को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसे बिसाहड़ा ले जाएगा क्योंकि नोएडा के आसपास उसके मकान की सरकार की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में बिसाहड़ा जाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। एयरफोर्स पूरे परिवार के लिए व्यवस्था नहीं कर सकता है। सरताज ने बताया कि वह हिंडन एयरफोर्स में खुद के तबादले का आवेदन करेगा, ताकि भाई और अम्मी के पास रह सके।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें