गोलियां चलते ही वीरेंद्र का चालक तो वहां से फरार हो गया। बदमाशों ने कार के पीछे और चालक की दूसरी ओर वाली साइड से करीब 40 गोलियां दाग दी। बाद में वह मौके से फरार हो गए। गोली चलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने किसी तरह कार से वीरेंद्र को निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वीरेंद्र की गर्दन, पेट, हाथ, सीने और अन्य जगहों पर 22 से 25 गोलियां लगी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
उधर खबर मिलते ही पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गई। पुलिस को घटना स्थल से करीब 35 खोखे बरामद हुए हैं। पुलिस आसपास मौजूद लोगों के अलावा घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से मामले की छानबीन कर रही है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया है कि गोली चलाने के बाद बदमाश कार में सवार होकर नाहरपुर गांव की ओर भागे हैं।
पुलिस उसके आधार पर मामले की छानबीन कर रही है। वहीं वीरेंद्र ने बीएसपी के टिकट से एक बार विधानसभा और निगम पार्षद का चुनाव लड़ा था, लेकिन वह जीत नही पाया था। फिलहाल वह इलाके में लगे आम आदमी पार्टी के पोस्टरों में दिख रहा था। हालांकि आम आदमी पार्टी ने वीरेंद्र से अपना कोई संबंध होने की बात से इनकार किया है।
पुलिस गैंगवार, आपसी रंजिश और रुपयों की लेन-देन समेत अन्य दृष्टिकोणों से मामले की छानबीन कर रही है। संयुक्त आयुक्त मनीष अग्रवाल का कहना है कि जांच के बाद ही हत्या के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।