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पुलिस की प्रेस कांफ्रेंस में अपराधी ने कहा, 'जेल से लौटकर करूंगा 10 हत्याएं’

Sun, 25 Jun 2017 03:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद

सार

टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
‘राहुल खट्टा मेरा चेला...जेल 
से लौटकर करूंगा 10 हत्याएं’
- पुलिस के हत्थे चढ़े बदमाश सुभाष रिस्तल ने प्रेसवार्ता में दिखाया दुस्साहस
- बदमाश की धमकी के बावजूद असहाय नजर आए एएसपी
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सुभाष कसाना उर्फ सुभाष रिस्तल
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विस्तार
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‘जिस राहुल खट्टा को तुम कुख्यात बदमाश बताते हो, वह मेरा ही चेला है। जेल में एक-एक बंदी से मेरा नाम पूछ लेना। जेल से बाहर आकर अभी 10 लोगों की हत्या करनी है।’ कार लूट में पुलिस के हत्थे चढे़ बदमाश सुभाष रिस्तल ने जब पुलिस प्रेसवार्ता में ही यह धमकी दी तो वहां मौजूद एएसपी मनीष मिश्रा समेत सभी पुलिसकर्मी हक्के-बक्के रह गए।
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सिहानी गेट थाने में सुभाष कसाना उर्फ सुभाष रिस्तल ने दावा कि या कि वह यूपी का सबसे नामी बदमाश बनेगा। मोदीनगर के गांव सिखेड़ा में रहने वाले करीब 10 लोग उसके निशाने पर हैं। जेल से बाहर आने के बाद वह उनकी हत्या कर देगा।

खास यह भी है सुभाष को गिरफ्तार कर पुलिस ने दावा किया था कि उसने शराब की तस्करी के लिए कार लूटी थी, लेकिन जैसे ही सुभाष को प्रेसवार्ता में लाया गया, उसने कहा कि शराब तस्करी नहीं, हत्या करने के लिए कार लूटी थी।
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सुभाष ने बताया कि वह दिल्ली के मंडोली में दूध सप्लाई करता था। इसके बाद वह कपिल सिरौरा नामक बदमाश के संपर्क में आया और 2011 में सूरजपुर में डबल मर्डर को अंजाम दिया। इसके बाद वह डासना जेल चला गया। सुभाष ने कहा कि राहुल खट्टा उसका ही चेला रहा है।
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मॉल में दबंगई दिखाकर मुफ्त में लेता था कपड़े

जेल में उसने ही राहुल खट्टा को ट्रेनिंग दी थी। राहुल खट्टा जेल से बाहर आकर बड़ा बदमाश बन गया। एसओ सिहानी गेट विनोद पांडेय ने बताया कि सुभाष के साथियों को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। जिन लोगों से उसकी रंजिश है, उनका पता लगाकर सुरक्षा भी दी जाएगी।

पुलिस से बोला-जेल में बंद बदमाशों से पूछ लो मेरा नाम
एसओ ने बताया जब सुभाष को पकड़ा गया तो उसने अपना नाम बताने से ही इंकार किया था। उसने कहा कि अगर उसका नाम जानना है तो जेल में बंद बदमाशों से पूछ लो। हालांकि सख्ती से पूछताछ में उसने अपना नाम बताया।

2011 में सूरजपुर में डबल मर्डर के आरोप में जब सुभाष को गिरफ्तार किया गया तो वह वैशाली के एक मॉल में फिल्म देख रहा था। इस दौरान भारी फोर्स के साथ उसकी गिरफ्तारी की गई। इसके बाद से वह सुभाष मॉल के दुकानदारों को धमकाकर उनसे मुफ्त में कपड़े लेता था। कार लूट वाले दिन भी उसने मॉल से मुफ्त में कपड़े लिए और अन्य खरीदारी भी की थी।
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