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पुलिस हिरासत में युवक की मौत, पुलिस ने कहा फांसी लगाई

Mon, 09 May 2016 04:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव

सार

  • बाइक छीनने के आरोप में उठाकर लाई थी पुलिस 
  • पूछताछ करने वाला हवलदार निलंबित 
  • डीसीपी ने न्यायिक जांच के दिए आदेश 
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युवक की मौत के बाद शव ले जाती एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुशांतलोक थाने के एंटेरोगेशन रूम में रविवार की सुबह एक युवक की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि उसने रूम में लगे पर्दे से फांसी लगाई। इस मामले में डीसीपी ईस्ट ने विभागीय जांच का आदेश दे दिए हैं। 
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युवक से पूछताछ करने वाले हवलदार को निलंबित कर दिया गया है। युवक पर बाइक चोरी का आरोप है। युवक की मौत से पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग गए हैं। मूलरूप  से उत्तर प्रदेश के औरैया का रहने वाला विजय कुमार (24) वजीराबाद गांव में किराये के मकान में रहता था।

वह यहां बतौर सिक्योरिटी गार्ड नौकरी करता था। जाकिर नाम के एक व्यक्ति ने उसे इस नौकरी पर लगवाया था। जहां पर उसने 15 दिन काम किया था। बताया जा रहा है कि विजय ने जब जाकिर से अपने 15 दिनों का वेतन मांगा तो उसने नहीं दिया। जिसके बाद उसने जाकिर की बाइक छीन ली।
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मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद जाकिर ने इसकी शिकायत सुशांतलोक थाने में की। उसकी शिकायत पर पुलिस ने रविवार सुबह आठ बजे विजय को थाने लेकर आई। इसी दौरान यह घटना घट गई। पुलिस का कहना है कि युवक ने आत्महत्या की है। क्योंकि उस दौरान थाने में सिर्फ मुंशी ही मौजूद था।

इस मामले में पुलिस का कहना है कि गुड़गांव में मुख्यमंत्री मनोहरलाल का कार्यक्रम चल रहा था। जिसमें थाना स्टाफ वीआईपी ड्यूटी पर चला गया था। घटना के समय मुंशी थाने में अकेला था। सवा नौ बजे जब उसने पूछताछ रूम की खिड़की से देखा तो वह पर्दे के फंदे से लटका हुआ था।

घटना की जानकारी उसने अफसरों को दी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने पूरे मामले की वीडियो फिल्म बना शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने यूपी में रहने वाले उसके परिजनों को मामले की सूचना दे दी है। सोमवार को उनके आने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।

डीसीपी ईस्ट दीपक सहारण ने बताया कि पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। अब तक की छानबीन में जांच करने वाले हवलदार जगबीर को दोषी पाया गया है। जिसके चलते उसे निलंबित कर विभागीय जांच का आदेश दिया गया। जिस समय थाने में यह घटना हुई उस समय थाने का मुंशी अकेला था।
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