हनीट्रैप से लोगों से जबरन वसूली करने के आरोप में दिल्ली पुलिस के एक सिपाही समेत छह लोगों को अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि पवन ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि वह ईएसआई अस्पताल में नौकरी करता है। पिछले कुछ दिनों से उसके मोबाइल पर एक युवती की कॉल आ रही थी।
युवती उसे मिलने के लिए बुराड़ी स्थित अपने कमरे पर बुला रही थी। 17 नवंबर को वह युवती से मिलने बंगाली कॉलोनी, बुराड़ी पहुंच गया। कमरे में पहुंचकर उसने युवती से बात शुरू ही की थी कि एक अन्य युवक व युवती वहां पहुंच गए।
युवक ने खुद को पुलिसकर्मी बताया, वहीं युवती ने खुद को रिपोर्टर बताकर उसे धमकाते हुए घर पर उसका राज खोलने की धमकी दी। खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले शख्स ने पवन को मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
पवन से 25 लाख रुपये की मांग की गई। पवन ने दोस्तों व रिश्तेदारों से करीब 15 लाख रुपये का इंतजाम कराकर आरोपियों को दिए। उसके बाद पवन को छोड़ दिया गया, लेकिन उससे बाकी के दस लाख रुपये का इंतजाम करने के लिए कहा गया।
बताया जा रहा है कि नोटबंदी के चलते वह 10 लाख का इंतजाम नहीं कर पाया। इसके बाद पवन ने मामले की सूचना पुलिस को दी। छानबीन के बाद मामला दर्ज कर लिया गया। लोकल पुलिस के अलावा अपराध शाखा ने भी जांच शुरू कर दी।
एसीपी संदीप लांबा और आशीष कुमार दुबे व अन्य की टीम ने जांच के बाद रीना नामक युवती की पहचान की। इसी बीच हवलदार शाहिर खान को सूचना मिली कि शाहजहांपुर, यूपी निवासी रीना उर्फ तबस्सुम अपनी बहन की शादी में शरीक होने ट्रेन से शाहजहांपुर यूपी जा रही है।
सूचना के बाद उसे 18 दिसंबर को दबोच लिया गया। उससे पूछताछ के बाद गांव फरमाना, सोनीपत, हरियाणा निवासी सिपाही प्रदीप (26), चंपावत, उत्तराखंड निवासी कृष्णा नंद भट्ट (48), बुराड़ी दिल्ली निवासी जीत (28), बुराड़ी निवासी निधि सिंह (27) और करावल नगर निवासी अंकिता अराधना शर्मा (25) को गिरफ्तार कर लिया गया।