बारह वर्षीय नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी युवक को द्वारका जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने सात साल कैद और दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
आरोपी मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला है। अदालत ने आरोपी के कृत्य को पूर्व नियोजित और जान बूझकर किया गया बताया।
सेक्टर 23 द्वारका थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सितंबर 2011 में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी ने पीड़िता से एक कागज पर दस्तखत करवाकर खुद को पति-पत्नी दिखाया था।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने पीड़िता की जिंदगी बर्बाद कर दी। वह पीड़िता को बिहार स्थित अपने गांव ले गया और वहां उससे कई बार दुष्कर्म किया।
अभियोजन के मुताबिक, पीड़िता अपनी मां की चाय की दुकान पर आरोपी से जुलाई 2011 में मिली थी और दोनों के बीच दोस्ती हो गई। आरोपी ने उसे शादी के लिए राजी कर लिया और अगस्त 2011 में अपने गांव ले गया।
पुलिस ने पीड़िता को बिहार के माधवपुर गांव से मुक्त करवाया था। मेडिकल जांच के दौरान पीड़िता के गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी।