यादव सिंह मामले की जांच में जुटी सीबीआई ने प्राधिकरण के विद्युत एवं अभियांत्रिकी विभाग के कई अधिकारियों से पूछताछ की।
सीबीआई ने अधिकारियों से यादव सिंह के कार्यकाल के दौरान विद्युत एवं अभियांत्रिकी विभाग की पॉलिसी में हुई फेरबदल, सरकुलर, नियमों में बदलाव, बोर्ड बैठक में बने नए नियम, इलेक्ट्रिकल संबंधी किसी राशि में बदलाव, किसके क्या अधिकार हैं आदि जानकारी प्राप्त की।
बृहस्पतिवार को सिविल विभाग के अधिकारियों से सीबीआई पूछताछ कर सकती है।
सीबीआई 2007 से 2012 तक के कार्यकाल पर कर रही ज्यादा फोकस
यादव सिंह
सीबीआई जांच में यादव सिंह के 2007 से 2012 तक के कार्यकाल पर ज्यादा फोकस कर रही है। यादव सिंह इसी दौरान सीएमई जल से लेकर इंजीनियर इन चीफ के पद तक पहुंचे।
उनके जरिये सबसे ज्यादा टेंडर इसी दौरान जारी हुए हैं। प्राधिकरण ने आयकर की जो रिपोर्ट भेजी थी उसमें यादव सिंह के जरिये 2003 से 2014 तक कुल 13081 टेंडर जारी किए गए थे, जिसमें सिविल और मरम्मत के कार्यों के 3562 टेंडर हैं।
इनकी कीमत 1641 करोड़ रुपये है जबकि जल, सीवर और बिजली आदि के 9519 टेंडर जारी किए गए, जिनकी कीमत 2547.33 करोड़ रुपये है।