समस्या की शिकायत दर्ज कराने आई महिलाओं को ऑफिस-ऑफिस के चक्कर कटवाना एक निगम कर्मचारी को महंगा पड़ गया। महिलाओं ने न केवल हंगामा किया बल्कि कर्मचारी को भी खूब खरी खोटी सुनाई। क्योंकि उक्त कर्मचारी ने अपना नाम दूसरा बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की थी। महिलाओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगी।
मुजेसर में जाखड़ मोहल्ले में सामुदायिक भवन के पास महीनों से गटर खुला हुआ पड़ा है। आने-जाने वाले रास्ते पर गांव का पूरा कचरा बिखरा पड़ा है। गांव से आई बुजुर्ग महिला शांति, निर्मला, जगबीरी, गुड्डी, चंपा आदि का कहना था कि वह सुबह से एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस के चक्कर काट रही हैं लेकिन कोई अधिकारी कर्मचारी यह बताने को तैयार नहीं है कि समस्या का समाधान कौन करेगा।
किसी अधिकारी ने महिलाओं को एमओएच ब्रांच में सुरेंद्र कुमार के पास भेज दिया। महिलाओं का कहना है कि जब सुरेंद्र से उसका नाम पूछा गया तो उसने अपना नाम अनिल बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की। महिलाओं ने जब हंगामा करना शुरू किया तो वह समस्या सुनने को तैयार हो गया। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि निगम के कर्मचारी उनसे खुद पैसा खर्चकर समस्या को हल करने की बात करते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वह उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी।