दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मौत का सामान बेचने वाले महिला समेत तीन अवैध हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों केकब्जे से दो कारबाईन, दो रिवाल्वर व 26 पिस्टल बरामद की गई हैं।
आरोपी मध्यप्रदेश से अवैध हथियार लाकर दिल्ली-एनसीआर, मेरठ व पश्चिमी उत्तरप्रदेश में सप्लाई करते थे। ये पिस्टल को 30 हजार व कारबाईन को 50 हजार रुपये में बेचते थे। महिला पिछले डेढ़ वर्ष से अवैध हथियारों की तस्करी कर रही थी।
स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुमार कुशवाह के अनुसार इस बात की सूचना मिल रही थी कि मध्यप्रदेश व पश्चिमी उत्तरप्रदेश के अवैध हथियार निर्माता दिल्ली-एनसीआर व उससे सट्टïे उत्तरप्रदेश के इलाकों में अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं।
इन अवैध हथियार तस्करों को पकडने केलिए इंस्पेक्टर सतेन्द्र मोहन की विशेष टीम बनाई गई। इस पुलिस टीम को 24 मार्च को सूचना मिली थी कि एक महिला अपने दो साथियों केसाथ जीटीबी अस्पताल चौक, दिलशान गार्डन में अवैध हथियारों की खेप लेकर आएगी।
पहले भी कर चुकेहैं अवैध हथियारों की सप्लाई
इंस्पेक्टर सतेन्द्र मोहन व एसआई सुमित की टीम ने यहां घेराबंदी कर जिला सहारनपुर, यूपी निवासी महिला मिस्कीन उर्फ भूरी(30), गांव शाहपुर, जिला बदवानी, मध्यप्रदेश निवासी बालू (35)और गांव जोल्ला, जिला मुजफ्फरनगर, यूपी निवासी जाबिर(30) को गिरफ्तार कर लिया। ज्यादा हथियारों पर मेड इन इटली, मेड इन जापान और मेड इन यूएसए लिखा हुआ था।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह अवैध हथियारो को बदवानी, मध्यप्रदेश निवासी प्यारेलाल उर्फ सिकंदर से खरीदते थे। इन अवैध हथियारों को वेलकम, दिल्ली निवासी नाफिस खान, मेरठ केजहीरुदद्दीन व उसके साथी जुल्फिकार उर्फ गुड्डू, गांव राधाना थाना किठौर, जिला मेरठ, यूपी निवासी मो. हाफिजोफ को सप्लाई करते थे।
दो पिस्टल व दो रिवाल्वर नाफिस खान को, दो कारबाईन व सात अद्र्घ-स्वचालित पिस्टल जहीरुद्दीन व जुल्फिकार और 17 पिस्टल मो. हाफिज को देनी थी। मिस्कीन व जाबिर पहले भी अवैध हथियारों की सप्लाई कर चुकेहैं।
मेरठ में पैदा हुई मिस्कीन के आठ भाई व पांच बहनें हैं। मिस्कीन का एक बेटा व तीन बेटिया हैं। उसने गांव जोल्ला, मुजफ्फरनगर यूपी निवासी असर मो. से करीब 13 वर्ष पहले शादी की थी। कुछ सालों बाद उसके पति की बीमारी केकारण मौत हो गई थी।
एक वर्ष बाद सहारनपुर, यूपी निवासी सलीम से शादी की थी। सलीम भी हत्या के मामले में वर्ष 2014 में गिरफ्तार हो गया था। इसकेबाद मिस्कीन की कई बदमाशों से जान-पहचान हुई। वह जाबिर के साथ मिलकर अवैध हथियारों की तस्करी करने लगी।