दिल्ली महिला आयोग ने मॉडल टाउन इलाके से घरेलू सहायिका को मुक्त करवाया है। लड़की का आरोप है कि उसे छह साल से घर में कैद करके रखा गया था। काम करवाने के साथ उसके साथ मारपीट भी की जाती थी।
आयोग ने पुलिस की मदद से लड़की को आजाद करवाते हुए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के पास भेज दिया है। आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के मुताबिक, महिला हेल्पलाइन 181 पर एक फोन आया था, जिसमें लड़की के कैद होने की जानकारी मिली थी।
हेल्पलाइन पर लड़की के कैद होने की सूचना मिलने के साथ आयोग ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस फटाफट मौके पर पहुंची और लड़की को आजाद करवाया। उक्त लड़की को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की टीम के समक्ष पेश किया गया।
लड़की ने अपने बयान में बताया कि वह करीब छह साल से इस घर में काम कर रही है और काम के बदले उसे वेतन भी नहीं दिया जाता है। पश्चिम बंगाल के खड्गपुर से प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से दिल्ली पहुंची थी।
एजेंसी ने भरोसा दिलाया था कि उसे काम के बदले अच्छा वेतन मिलेगा। लड़की ने बताया है कि उसे यहां घर में शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी।
आरोपी मारपीट ही नहीं करते थे, बल्कि कई-कई दिन उसे घर में बंद करके चले जाते थे। आयोग के अलावा चाइल्ड वेलफेयर कमेटी मामले की जांच भी कर रही है।