कागजात खो जाने के कारण जाफराबाद के एक युवक का पासपोर्ट नहीं बन पाया। लेकिन इसके बाद उसने कुछ ऐसा किया कि सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ गए। आरोपी ने 22 मई की शाम को पासपोर्ट ऑफिस और सीलमपुर थाने को बम से उड़ाने की धमकी दे दी।
लेकिन पुलिस ने जल्द ही आरोपी व एक पीसीओ चलाने वाले शख्स को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान केजरीवाल उर्फ रुखसार अहमद व पीसीओ चलाने वाले शरीफ के रूप में हुई है। शरीफ ने फर्जी कागजातों के आधार पर कई सिम निकलवाए हुए थे। पुलिस ने उसके पास से पांच ऐसे सिम बरामद किए हैं। मध्य जिला पुलिस सिम उपलब्ध करवाने वालों की तलाश कर रही है।
मध्य जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक 20 मई को पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की पहली कॉल मिली थी। छानबीन के बाद पुलिस को पता चला कि कॉल चौहान बांगर स्थित एक महिला के नंबर से की गई है। जांच में महिला ने ऐसे किसी के अपने पास होने की बात से इंकार किया।
पासपोर्ट ऑफिस को उड़ाने की कॉल मिली।
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जांच में पता चला कि महिला की फर्जी आईडी पर नंबर लिया गया है। इसके बाद पुलिस टेक्निकल सर्विलांस की मद से रियाजुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन इसके बाद दुबारा 22 मई को पासपोर्ट ऑफिस को उड़ाने की कॉल मिली। मध्य जिला पुलिस ने मामले की दोबारा छानबीन की तो पता चला कि कॉल गांधी नगर के एक पीसीओ से की गई है। इसी दिन सीलमपुर थाने को भी बम से उड़ाने की कॉल पुलिस को मिली थी। पुलिस ने गांधी नगर स्थित पीसीओ पर रेड की।
वहां से पीसीओ बूथ संचालक शरीफ को दबोचा गया। उसके पास से पांच सिमकार्ड बरामद हुए, जो सभी फर्जी कागजात पर जारी किए गए थे। सभी को ओखला के एक युवक ने उपलब्ध कराए थे। शरीफ से पूछताछ के बाद पुलिस 22 मई को झूठी कॉल करने वाले शख्स के पास पहुंची।
आरोपी केजरीवाल उर्फ रुखसार अहमद ने बताया कि वह विदेश जाना चाहता था, लेकिन उसके कागजात खो गए थे, जिसकी वजह से उसका पासपोर्ट नहीं बन रहा था। इसलिए उसने परेशान होकर झूठी कॉल कर दी। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।