नई दिल्ली के महेंद्रा पार्क इलाके से सितंबर में अगवा की गई नाबालिग को पुलिस ने यूपी के इटावा जिले से मुक्त करा लिया, साथ ही आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। इनकी पहचान अमर सिंह और उसके पुत्र हरिओम के रूप में हुई है।
पूछताछ में उन्होंने नाबालिग को अगवा करने की बात स्वीकार की। अमर ने जेल में बंद अपने छोटे बेटे अनूप को रिहा कराने के लिए नाबालिग को अगवा किया था।
पुलिस की मानें तो आरोपी अमर 16 वर्षीय लड़की के बालिग होने का इंतजार कर रहा था। उसे यकीन था कि बालिग होने के बाद लड़की अनूप के पक्ष में बयान देगी, जिसके बाद वह रिहा हो जाएगा।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2012 में अनूप लड़की के पड़ोस में रहता था। उसी दौरान मई में वह नाबालिग को बहला-फुसला अपने साथ ले गया था, लेकिन परिजन लड़की को ले आए। इस बीच मई 2013 में अनूप दोबारा नाबालिग को अपने साथ ले गया।
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने लड़की को ढूंढ़ निकाला और अनूप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस बीच 22 सितंबर को महेंद्रा पार्क से नाबालिग फिर गायब हो गई। परिजनों ने अनूप के परिवार पर शक जताया।
पुलिस से छानबीन की तो पता चला कि अनूप का पिता अमर सिंह अपने परिवार के साथ इटावा स्थित अपने घर से गायब है। काफी तलाश के बाद नाबालिग इटावा में ही मिल गई। पुलिस ने अमर सिंह व उसके बेटे हरिओम को दबोच लिया।