मसूरी पुलिस ने फाइनेंसर उमेश नागर हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। दोस्त और बिजनेस पार्टनर अमित समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे वारदात में इस्तेमाल पिस्टल, मृतक की चेन और लॉकेट बरामद किया है।
प्लानिंग के तहत पैसे देने के बहाने उमेश को बुलाकर गोली मारकर हत्या की गई थी। डेढ़ लाख रुपये सुपारी तय हुई थी। मारने से पहले उसे बेहोश किया गया था।
मुख्य आरोपी पूर्व बैंक असिस्टेंट मैनेजर अमित 2 लाख रुपये का विवाद बता रहा है, जबकि मृतक के परिजन साढ़े तीन करोड़ रुपये का। कुख्यात रहे युद्धवीर बाटा का भतीजा बताए जा रहे दीपक समेत दो आरोपी भागे हुए हैं।
एसपी देहात जगदीश शर्मा ने बताया कि पकड़े गए हत्यारोपी अमित, चंद्रकांत, नवनीत व लोकेश हैं। नवनीत सहारनपुर का है। चंद्रकांत व लोकेश बुलंदशहर के हैं। दीपक व शब्बीर भागे हुए हैं।
मुख्य आरोपी अमित इलाहाबाद का है व इंदिरापुरम में रहता है। छह-सात साल पहले बैंक से लोन लेने के दौरान उमेश से उसकी दोस्ती हुई थी। इसके बाद अमित नौकरी छोड़ उमेश से पैसे इनवेस्ट कराता था।
अमित ने बताया कि उसने उमेश से 35 लाख रुपये लिए थे, जिनसे 62 लाख रुपये कमाकर उसे दिए थे। फिर भी वह उससे पैसे मांग रहा था।
वारदात के दिन भी उसे साढ़े चार लाख रुपये दिए, जिन्हें लेकर वह चला गया, मगर फिर लौटकर आया और दो लाख रुपये और मांगने लगा।
तब उसने फोन कर उमेश को बुलाया व सीसीटीवी से बचने को उसकी कार सोसायटी के बाहर रुकवा दी। उसे फ्लैट पर बुला अधमरा कर दिया और कार में डाल मसूरी क्षेत्र में ले गए। इस दौरार कार के डैक की आवाज बढ़ा दी व मसूरी क्षेत्र में ले जाकर उसकी हत्या कर दी।