दिल्ली के गाजीपुर डेयरी फार्म के प्रधान विनोद राणा उर्फ पहलवान की हत्या की साजिश उसके चाचा व बेटे ने मिलकर रची थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में चाचा के बेटे निखिल व उसके दोस्त पार्थ शर्मा को गिरफ्तार किया है। उनके पास से हत्या में इस्तेमाल पिस्टल, बाइक व मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। पुलिस इसे ब्लाइंड मर्डर केस बता रही थी।
तब पुलिस कमिश्नर ने सुराग देने वालों को एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की थी। गत 22 जुलाई को देर रात विनोद पहलवान की इंदिरापुरम से जिम से लौटते समय गाजीपुर टोल टैक्स के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विनोद डेयरी का काम करते थे और गाजीपुर डेयरी फार्म के प्रधान चुने गए थे।
हत्या के बाद पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी हत्यारों का सुराग नहीं मिल रहा था। पुलिस ने जब केस को सुलझाने के लिए टेक्निकल एनालिसिस शुरू किया तो इसमें किसी जानकार के शामिल होने का शक हुआ। पुलिस को विनोद पहलवान के घर के सामने रहने वाले उसके चाचा सतबीर और उसके बेटे निखिल पर शक हुआ। गिरफ्तार निखिल एलएलबी कर रहा है जबकि पार्थ शर्मा ने इंटीरियर डेकोरेशन का कोर्स किया है।
पुलिस ने कैसे जोड़ी कड़ियां
पुलिस टीम को बाप-बेटे के तीन बदलावों ने शक को यकीन में बदल दिया। पहला निखिल पहले लंबे बाल रखता था, लेकिन हत्या के बाद उसने बाल छोटे करवा दिए। सतबीर के घर के बाहर एक सीसीटीवी लगा है, जिसका फोकस विनोद के घर की तरफ था। लेकिन उससे कुछ खास दिनों के फुटेज हटाए गए थे।
तीसरा निखिल ने हत्या के कुछ दिन पहले ही शिप्रा मॉल का वही जिम ज्वाइन किया था जिसमें विनोद पहलवान जाते थे। पुलिस ने इस आधार पर जब कड़ाई से पूछताछ की तो निखिल ने सच्चाई बयान कर दी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उस दिन विनोद के जिम से लौटते समय उसने पीछा किया। इसमें उसका दोस्त पार्थ शर्मा उसके साथ था।
गाजीपुर टोल टैक्स के पास कांवड़ियों के कारण जाम का फायदा उठाकर उन्होंने उस पर गोलियां चला दी। उसके बाद फरार हो गए। इस साजिश में निखिल के पिता सतबीर भी शामिल थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हत्या के पीछे आपसी रंजिश बता रही है।